आईसीईए केंद्रीय बजट से पहले सरलीकृत चार-स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक्स ड्यूटी संरचना पर जोर दे रहा है
नई दिल्ली, 1 जनवरी (केएनएन) केंद्रीय बजट से पहले, इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने वित्त मंत्रालय से देश के इलेक्ट्रॉनिक्स शुल्क ढांचे को सुव्यवस्थित करने का आग्रह किया है और मौजूदा ढांचे को 'वैश्विक स्तर पर सबसे जटिल' बताया है।
उद्योग निकाय मौजूदा मल्टीपल-स्लैब प्रणाली को बदलने के लिए एक सरलीकृत चार-स्तरीय संरचना की वकालत कर रहा है।
CNBC-TV18 द्वारा प्राप्त एक पत्र के अनुसार, ICEA इस बात पर प्रकाश डालता है कि वर्तमान शुल्क संरचना भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और निर्यात क्षमताओं को कैसे कमजोर करती है।
प्रस्तावित सुव्यवस्थित संरचना में चार स्तर शामिल होंगे: बुनियादी भागों और इनपुट पर शून्य शुल्क, विशिष्ट घटक भागों पर 5 प्रतिशत, उप-असेंबली और घटकों पर 10 प्रतिशत और तैयार माल पर 15 प्रतिशत।
संगठन ने कई क्षेत्र-विशिष्ट चिंताओं और सिफारिशों को रेखांकित किया है...








