ऑरेंज इकोनॉमी युवाओं द्वारा संचालित नए विकास इंजन के रूप में उभर रही है: पीएम मोदी


नई दिल्ली, 13 जनवरी (केएनएन) राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत संस्कृति, सामग्री और रचनात्मकता से प्रेरित ऑरेंज इकोनॉमी में मजबूत विकास देख रहा है।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र में बोलते हुए उन्होंने कहा कि युवा भारतीयों का नवाचार, ऊर्जा और उद्देश्य देश की भविष्य की ताकत और वैश्विक स्थिति को आकार देगा।

सुधार प्रेरित शासन

स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को एक प्रमुख उदाहरण के रूप में उद्धृत करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि फोकस की कमी और अत्यधिक सरकारी नियंत्रण के कारण 2014 से पहले भारत में 500 से कम पंजीकृत स्टार्टअप थे।

स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, व्यापार करने में आसानी और कर एवं अनुपालन सरलीकरण जैसी पहलों ने युवा नवप्रवर्तकों को सशक्त बनाया और भारत की स्टार्टअप क्रांति को गति दी।

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी उद्यम के लिए खोलने से 300 से अधिक स्टार्टअप सामने आए हैं, जिसमें स्काईरूट एयरोस्पेस और अग्निकुल कॉसमॉस जैसी कंपनियां युवाओं के नेतृत्व वाले नवाचार का प्रदर्शन कर रही हैं।

रक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार

रक्षा क्षेत्र में सुधारों पर प्रकाश डालते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि 1,000 से अधिक रक्षा स्टार्टअप अब भारत में काम कर रहे हैं, जिसमें युवा उद्यमी ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, एआई-संचालित कैमरे और रोबोटिक्स पर काम कर रहे हैं, जो युवाओं द्वारा संचालित तकनीकी नवाचार की गहराई को दर्शाता है।

ऑरेंज अर्थव्यवस्था का उदय

प्रधान मंत्री ने नई पीढ़ी के रचनाकारों को विकसित करने और ऑरेंज इकोनॉमी को बढ़ावा देने में डिजिटल इंडिया के प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत मीडिया, फिल्म, गेमिंग, संगीत, डिजिटल सामग्री और वीआर-एक्सआर प्रौद्योगिकियों के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने युवा रचनाकारों के लिए एक प्रमुख लॉन्च मंच के रूप में विश्व ऑडियो-विज़ुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) पर भी प्रकाश डाला।

सुधार, कौशल और वैश्विक अवसर

पीएम मोदी ने जीएसटी सुधारों और 12 लाख रुपये तक की कर राहत का हवाला देते हुए कहा कि पिछले दशक के सुधार एजेंडे ने युवाओं को अपने केंद्र में रखा है, जो प्रक्रियाओं को सरल बनाते हैं और युवा पेशेवरों और उद्यमियों के लिए बचत बढ़ाते हैं।

उन्होंने विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और रोजगार सृजन सुनिश्चित करने के लिए शांति अधिनियम के तहत नागरिक परमाणु ऊर्जा में सुधारों का भी उल्लेख किया। वैश्विक कार्यबल की कमी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत निरंतर कौशल विकास सुधारों के माध्यम से अपने युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए तैयार कर रहा है।

शिक्षा एवं कौशल विकास प्रोत्साहन

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बाद उच्च शिक्षा में सुधारों को दोहराते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालय भारत में परिसर खोल रहे हैं।

उन्होंने पीएम सेतु कार्यक्रम के शुभारंभ पर प्रकाश डाला, जिसमें हजारों करोड़ रुपये का निवेश शामिल है, जिसके तहत युवा कौशल को वर्तमान और भविष्य की उद्योग की जरूरतों के साथ संरेखित करने के लिए हजारों आईटीआई को उन्नत किया जाएगा।

(केएनएन ब्यूरो)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *