नई दिल्ली: आज उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के बांगरमऊ में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर बिल्कुल ही नया नज़ारा था। तक़रीबन तीन किलोमीटर तक इस सड़क पर भूतल परिवहन नहीं दिख रहा था। दिख रहा था तो सिर्फ़ और सिर्फ़ भारतीय वायुसेना का फाइटर और मालवाहक विमान और फ़िज़ा में गूंज रही थी सिर्फ़ इन विमानों की गर्जना। आज इस विहंगम नज़ारे को देखने के लिए हजारों की तादाद में आम आदमी जमा थे। आज इस सड़क पर एमआई-17,जगुआर,हरकयुलिस-17,मिराज,सुखोई जैसे लड़ाकू विमान अपने करतब दिखाते नज़र आए।
दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय वायु सेना के इस संयुक्त अभ्यास अभियान में हरक्यूलिस विमान के अलावा 15 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया।इस अभ्यास अभियान के तहत इन विमानों ने न केवल इस एक्सप्रेसवे से उड़ान भरी और इस एक्सप्रेसवे पर उतरे बल्कि दर्शकों को करतब दिखाकर रोमांचित करने का भी कारनामा अंजाम दिया।इस अभ्यास अभियान का मकसद यह देखना था कि, आपात स्थिति में इस सड़क का इस्तेमाल विमान उतारने और उड़ाने के लिए किया जा सकता है या नहीं और भारतीय वायुसेना अपने इस मकसद में कामयाब रही। आपात स्थिति में अब एक्सप्रेसवे को बतौर एयरफील्ड इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ से तक़रीबन 65 किलोमीटर की दूरी पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर यह अभ्यास कार्यक्रम तकरीबन तीन घंटे तक चला।
गौर तलब है कि, भारतीय वायु सेना के इस अभियान के लिए भारत सरकार के अधीन सार्वजानिक क्षेत्र की भारतीय स्टील प्राधिकरण (सेल) द्वारा 33,500 मीट्रिक टन इस्पात की आपूर्ति से निर्मित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भारतीय वायु सेना के विमानों को टच एंड गो लैंडिंग की सुविधा प्रदान की गई थी।
