
नई दिल्ली, 3 मार्च (केएनएन) कोयला मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खदानों ने फरवरी 2026 में 20.49 मिलियन टन (एमटी) का उत्पादन दर्ज किया, जबकि डिस्पैच 17.72 मीट्रिक टन था।
माह के दौरान कोयला उत्पादन में साल-दर-साल 18.51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो खनन कार्यों के निरंतर विस्तार को दर्शाता है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए फरवरी तक, कैप्टिव और वाणिज्यिक ब्लॉकों से संचयी कोयला उत्पादन पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 11.58 प्रतिशत बढ़ गया।
इसी अवधि के दौरान, संचयी प्रेषण में साल-दर-साल 6.78 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, “उत्पादन और उठाव में निरंतर विस्तार मजबूत परिचालन दक्षता, त्वरित क्षमता वृद्धि और खनन मूल्य श्रृंखला में बेहतर समन्वय को दर्शाता है।”
मंत्रालय ने कहा कि प्रदर्शन में बढ़त रणनीतिक नीतिगत हस्तक्षेपों, सुव्यवस्थित अनुमोदन प्रक्रियाओं और समय पर परियोजना निष्पादन की सुविधा के लिए चल रही निगरानी का परिणाम है।
इसमें कहा गया है कि इन उपायों ने क्षमता वृद्धि का समर्थन किया है और उच्च उत्पादन स्तर में योगदान दिया है।
क्षेत्र को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, मंत्रालय ने कहा कि स्थिर उत्पादन बनाए रखने, आपूर्ति व्यवधानों को कम करने और यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करने के प्रयास जारी रहेंगे कि कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खनन भारत की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
(केएनएन ब्यूरो)