भारत डेटा सेंटर की क्षमता 2030 तक 3 गीगावाट तक पहुंचने के लिए निर्धारित है
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (केएनएन) भारत का डेटा सेंटर उद्योग एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के लिए तैयार है, जिसकी क्षमता का एक बड़ा हिस्सा 2030 तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) वर्कलोड के लिए समर्पित होने की उम्मीद है।
उद्योग के पूर्वानुमानों के अनुसार, देश की 40-50 प्रतिशत डेटा सेंटर क्षमता एआई मांगों को पूरा करेगी, जो मशीन लर्निंग, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और स्वायत्त प्रणालियों सहित उन्नत प्रौद्योगिकियों को सशक्त बनाने में एआई के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
यह बदलाव मौजूदा स्तर से डेटा सेंटर की क्षमता को कुल मिलाकर 3 गीगावाट (जीडब्ल्यू) तक तीन गुना करने के साथ मेल खाने की उम्मीद है।
भारत के डेटा सेंटर बुनियादी ढांचे में एआई कार्यभार का बढ़ता प्रभुत्व संभवतः स्वास्थ्य सेवा, वित्त, ई-कॉमर्स और विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों की बढ़ती मांग से प्रेरित होगा, जो दक्...







