नई दिल्ली, 13 जून (केएनएन) शेल इंडिया के सहयोग से स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप (MSDE) मंत्रालय के तहत प्रशिक्षण महानिदेशक (DGT), ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नवीकरणीय ऊर्जा में उद्योग-तैयार विशेषज्ञता के साथ भारत के युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक ग्रीन स्किल्स एंड इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) प्रशिक्षण पहल शुरू की है।
शेल के पार्टनर, एडुनेट फाउंडेशन द्वारा लागू किया गया, कार्यक्रम में पांच राज्यों- डेली-एनसीआर, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक को देखा गया। इसे चुनिंदा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTIS) में रोल आउट किया जाएगा।
इस पहल में एक मल्टी-टियर ट्रेनिंग मॉडल है: फोर एनएसटीआईएस में 240-घंटे के उन्नत ईवी तकनीशियन कोर्स, शेल-समर्थित ईवी लैब्स के साथ 12 आईटीआई में 90-घंटे की नौकरी-उन्मुख ईवी कौशल पाठ्यक्रम, और अन्य आईटीआई के लिए 50-घंटे के संस्थापक ग्रीन स्किल मॉड्यूल। कार्यक्रम के तहत 250 से अधिक प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
पाठ्यक्रम में इलेक्ट्रिक वाहन सिस्टम, बैटरी प्रौद्योगिकी, निदान, सुरक्षा प्रोटोकॉल और डिजिटल टूल शामिल हैं। शेल और डीजीटी द्वारा सह-ब्रांडेड सर्टिफिकेशन, प्लेसमेंट सहायता के साथ, छात्र रोजगार को और बढ़ाएगा।
विशिष्ट ईवी लैब्स वास्तविक दुनिया की उद्योग की मांगों के साथ गठबंधन किए गए व्यावहारिक सीखने की पेशकश करेंगे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय हरित ऊर्जा और नेट-शून्य लक्ष्यों के साथ गठबंधन किए गए हरे-कुशल कार्यबल के निर्माण के भारत के व्यापक लक्ष्य का समर्थन करता है।
राज्य मंत्री जयंत चौधरी और डीजीटी के महानिदेशक त्रिशलजीत सेठी सहित सरकारी अधिकारियों ने वैश्विक हरी अर्थव्यवस्था के लिए भारत के युवाओं को तैयार करने में पहल के महत्व पर प्रकाश डाला।
शेल इंडिया के चेयरपर्सन मानसी मदन ट्रिपैथी ने भविष्य के रोजगार के लिए शेल की प्रतिबद्धता और कम कार्बन भविष्य पर जोर दिया।
यह सहयोग भारत के विकसित होने वाले हरित ऊर्जा क्षेत्र में एक जलवायु-तैयार और भविष्य-लचीला कार्यबल बनाने में एक बड़ा कदम है।
(केएनएन ब्यूरो)