
नई दिल्ली, 21 नवंबर (केएनएन) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और फ्रांस के आयुध महानिदेशालय (डीजीए) के बीच हस्ताक्षरित एक नए तकनीकी समझौते के साथ भारत और फ्रांस ने अपने रक्षा सहयोग को मजबूत किया है।
समझौते पर डीआरडीओ के अध्यक्ष और रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग (डीडीआर एंड डी) के सचिव, डॉ. समीर वी. कामत और राष्ट्रीय आयुध निदेशक, डीजीए, लेफ्टिनेंट जनरल गेल डियाज़ डी तुएस्टा ने हस्ताक्षर किए।
यह समझौता संयुक्त रक्षा अनुसंधान, परीक्षण गतिविधियों, कौशल विकास और सूचना आदान-प्रदान का विस्तार करने के लिए एक संरचित ढांचा स्थापित करता है। यह संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सेमिनारों और प्रौद्योगिकी साझाकरण के माध्यम से सहयोग को सक्षम करेगा।
यह साझेदारी वैमानिकी प्लेटफॉर्म, मानवरहित प्रणाली, उन्नत सामग्री, साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित कई उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों तक फैली हुई है। इसमें अंतरिक्ष प्रणाली, नेविगेशन, उन्नत प्रणोदन, सेंसर, क्वांटम तकनीक और पानी के नीचे की प्रणाली भी शामिल है।
दोनों पक्षों ने कहा कि मजबूत सहयोग से नवाचार में तेजी आने और उभरती रक्षा क्षमता आवश्यकताओं में योगदान की उम्मीद है। यह समझौता दोनों देशों के बीच उपकरण, जानकारी और दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण को भी सक्षम बनाता है।
भारत और फ्रांस ने पुष्टि की कि यह पहल दीर्घकालिक तकनीकी सहयोग का समर्थन करेगी और रक्षा में रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाएगी।
(केएनएन ब्यूरो)