
इंदौर में ईवी चार्जिंग के दौरान विस्फोट, भीषण आग में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत
चार्जिंग प्वाइंट से शुरू हुई आग ने तीन मंजिला मकान को घेरा; सरकार ने जांच और SOP बनाने का आदेश दिया
इंदौर, 18 मार्च — रिपोर्टर
मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मकान के बाहर लगे इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग प्वाइंट पर हुए विस्फोट के बाद आग भड़क गई, जिसने देखते ही देखते पूरे तीन मंजिला घर को अपनी चपेट में ले लिया।
पुलिस और प्रशासन के अनुसार, यह हादसा इंदौर के ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में सुबह करीब 3:30 से 4:30 बजे के बीच हुआ। उस समय घर के बाहर खड़ी एक कार को चार्ज किया जा रहा था। इसी दौरान चार्जिंग प्वाइंट पर अचानक विस्फोट हुआ और कार में आग लग गई।
इंदौर के पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के अनुसार, कार में लगी आग तेजी से फैलते हुए पूरे मकान में पहुंच गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में तीन मंजिला इमारत धुएं और लपटों से घिर गई।
घटना के समय घर के अंदर करीब 10 लोग मौजूद थे। आग लगने के बाद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। घर में इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगे होने के कारण पुलिस और बचाव दल को अंदर पहुंचने में भी काफी कठिनाई हुई।
आग को और भयावह बनाने में घर के अंदर रखे रसोई गैस सिलेंडरों का भी बड़ा योगदान रहा। सिलेंडर फटने से आग और तेजी से फैल गई, जिससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया।
इस हादसे में जिन आठ लोगों की मौत हुई, उनमें दो बच्चे, तीन महिलाएं और अन्य सदस्य शामिल हैं। मृतकों की पहचान तनमय (6), राशि सेठिया (12), सिमरन (30), टीनू (35), सुमन सेठिया (60), विजय सेठिया (65), छोटू सेठिया (22) और मनोज (65) के रूप में हुई है।
तीन लोगों को आग के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें से दो को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने अन्य अस्पताल में इलाज कराने की इच्छा जताई और उन्हें छुट्टी दे दी गई।
मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
इस घटना के बाद राज्य सरकार ने गंभीरता दिखाते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौके का दौरा किया और इसे बेहद चिंताजनक घटना बताया।
मंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों की एक समिति इस पूरे मामले की जांच करेगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ईवी चार्जिंग से संबंधित एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक परिस्थितियों के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में इस तरह की घटना एक चेतावनी के रूप में देखी जानी चाहिए।
घटना के दौरान बचाव कार्य में आई कठिनाइयों को देखते हुए मंत्री ने इलाके की अन्य समस्याओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि छोटे प्लॉट पर बड़े-बड़े मकान बनाए जा रहे हैं, जिससे जगह की कमी हो रही है।
इसके अलावा, मुख्य सड़कों पर दोनों तरफ वाहनों की पार्किंग के कारण एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को पहुंचने में दिक्कत होती है।
मंत्री ने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय निवासी संघों के साथ बैठक कर जल्द कदम उठाए जाएंगे।
भारत में पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। सरकार भी इसे बढ़ावा दे रही है ताकि प्रदूषण कम हो और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटे।
हालांकि, ईवी चार्जिंग से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाएं अभी भी कई जगहों पर पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू स्तर पर बिना उचित सुरक्षा मानकों के चार्जिंग करना जोखिम भरा हो सकता है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है। ऐसे में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विशेषज्ञ समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ईवी चार्जिंग के लिए नए नियम और दिशा-निर्देश बनाए जा सकते हैं।
इस हादसे ने न केवल एक परिवार को खत्म कर दिया, बल्कि शहरी सुरक्षा, भवन निर्माण और नई तकनीकों के सुरक्षित उपयोग को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
प्रकाशित – मार्च 18, 2026 09:42 पूर्वाह्न IST