नई दिल्ली, 16 जनवरी (केएनएन) कोयला मंत्रालय ने तीन वाणिज्यिक कोयला ब्लॉकों धुलिया उत्तर, मंदाकिनी बी और पीरपैंती बाराहाट के लिए दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के साथ कोयला खदान विकास और उत्पादन समझौते (सीएमडीपीए) को निष्पादित किया है, जो घरेलू कोयला उत्पादन को मजबूत करने के भारत के प्रयासों में एक और कदम है।
ये ब्लॉक वाणिज्यिक कोयला खनन नीलामी के 13वें दौर के तहत डीवीसी को दिए गए थे।
मंत्रालय के अनुसार, तीनों ब्लॉकों का पूरी तरह से अन्वेषण किया जा चुका है और कुल मिलाकर इनकी संचयी पीक रेटेड क्षमता 49 मिलियन टन प्रति वर्ष है, जो देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में उनके महत्व को उजागर करता है।
समझौतों का निष्पादन इन परिसंपत्तियों के विकास और उत्पादन चरण में संक्रमण को औपचारिक बनाता है।
परियोजनाओं से लगभग 4,621 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व उत्पन्न होने का अनुमान है और लगभग 7,350 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है, जो कोयला क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधि और आर्थिक विकास में योगदान देगा।
ऊर्जा आपूर्ति से परे, तीन कोयला ब्लॉकों के विकास से लगभग 66,248 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है, जिससे आजीविका सृजन और कोयला-असर वाले क्षेत्रों में क्षेत्रीय विकास में सहायता मिलेगी।
कोयला मंत्रालय ने कहा कि ये समझौते दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता के व्यापक लक्ष्य का समर्थन करने के उद्देश्य से पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और निवेशक-अनुकूल नीलामी ढांचे के माध्यम से घरेलू कोयला उत्पादन का विस्तार करने पर उसके निरंतर फोकस को दर्शाते हैं।
(केएनएन ब्यूरो)