लखनऊ, 18 फरवरी (केएनएन) उत्तर प्रदेश ने राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को वैश्विक बाजारों के साथ एकीकृत करने के लिए एक रणनीतिक, गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
राज्य सरकार के एमएसएमई और निर्यात प्रोत्साहन विभाग के तहत निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो और वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत आइडियाज टू इम्पैक्ट फाउंडेशन के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
समझौता ज्ञापन तीन साल के लिए वैध रहेगा और आपसी सहमति से इसे बढ़ाया जा सकता है। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, साझेदारी का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में उद्यमों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना और घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।
क्षमता निर्माण और डिजिटल सक्षमता
सहयोग के तहत, राज्य भर के एमएसएमई को डिजिटल सक्षमता, ई-कॉमर्स तैयारी, पैकेजिंग मानकों, गुणवत्ता अनुपालन, प्रमाणन और बाजार पहुंच रणनीतियों में प्रशिक्षण सहित संरचित क्षमता-निर्माण सहायता प्राप्त होगी।
उद्यमियों को घरेलू और सीमा पार ई-कॉमर्स दोनों प्लेटफार्मों में प्रभावी ढंग से भाग लेने में मदद करने के लिए वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के माध्यम से मुफ्त प्रशिक्षण और सलाह प्रदान की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि एमओयू का प्राथमिक उद्देश्य एमएसएमई को राष्ट्रीय और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत करके निर्यात को बढ़ावा देना और रोजगार पैदा करना है।
निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 के अनुरूप
यह पहल उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 के अनुरूप है, जो ई-कॉमर्स के नेतृत्व वाले निर्यात को बढ़ावा देने पर महत्वपूर्ण जोर देती है।
नीति के तहत, पहली बार निर्यात करने वाले एकमुश्त प्रोत्साहन के लिए पात्र हैं, जिसमें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लिस्टिंग शुल्क का 75 प्रतिशत शामिल है, जिसकी अधिकतम सीमा 3 लाख रुपये है। इस उपाय का उद्देश्य प्रवेश बाधाओं को कम करना और राज्य के निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।
उद्योग प्रतिक्रिया
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, एमएसएमई और निर्यात प्रोत्साहन तथा एनआरआई विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में निर्यात और ई-कॉमर्स के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और साझेदारी से बाजार पहुंच का विस्तार होने और विकास के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की यूपी को-ऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन मुकेश सिंह ने इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक खरीदारों तक पहुंच, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन और डिजिटल तैयारी छोटे व्यवसायों के लिए बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि वॉलमार्ट वृद्धि जैसे कार्यक्रम इन अंतरों को पाटने और उत्तर प्रदेश से निर्यात वृद्धि में तेजी लाने में मदद कर सकते हैं।
(केएनएन ब्यूरो)