
प्रतीकात्मक तस्वीर
दरभंगा में दर्दनाक हादसा: पत्नी को बचाने गए पति की भी डूबकर मौत
तालाब में कूदकर जान देने की कोशिश के दौरान दोनों की मौत, पुलिस कर रही कारणों की जांच
दरभंगा: दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत भरवाड़ा गांव में गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक दंपति की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, भरवाड़ा गांव के वार्ड संख्या 6 निवासी हसरत परवीन (40) ने कथित रूप से पनपिही तालाब में कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की। जैसे ही यह जानकारी उनके पति सनाउल्लाह (45) को हुई, वे उन्हें बचाने के लिए तुरंत तालाब में कूद गए।
हालांकि, दोनों को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण गहरे पानी में वे खुद को संभाल नहीं सके और डूब गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और बचाव कार्य शुरू किया गया।
बचाव और पुलिस कार्रवाई
सूचना मिलने के बाद सिंहवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों के शवों को तालाब से बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
थानाध्यक्ष बसंत कुमार ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
पूर्व घटना और पारिवारिक स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, हसरत परवीन ने करीब दस दिन पहले भी इसी तरह का कदम उठाने की कोशिश की थी। उस समय ग्रामीणों और डायल 112 पुलिस टीम ने समय रहते उन्हें रोक लिया था और समझाकर घर भेज दिया था।
लेकिन गुरुवार को वह फिर से तालाब के पास पहुंचीं और अचानक पानी में कूद गईं। उन्हें बचाने के प्रयास में उनके पति ने भी अपनी जान गंवा दी।
परिवार और सामाजिक पृष्ठभूमि
मृतक दंपति के परिवार में उनका बेटा हसमतुल्लाह उर्फ इखलाक है, जो उनके साथ ही रहता था, जबकि उनकी बेटी नाजिया परवीन की शादी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, बेटे का बयान इस मामले में अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह माता-पिता के साथ ही रहता था और पारिवारिक स्थिति से भली-भांति परिचित है।
संभावित कारण और जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हसरत परवीन कुछ व्यक्तिगत कारणों से परेशान थीं। सूत्रों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच संबंध सामान्य नहीं थे और दोनों के बीच अक्सर विवाद होते रहते थे।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों के बयान के आधार पर घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
इलाके में शोक का माहौल
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे भरवाड़ा गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर बेहद दुखी हैं और इसे एक बड़ी त्रासदी के रूप में देख रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कोई ठोस कदम उठाया जाता, तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था।
आगे की स्थिति
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
यह घटना एक बार फिर मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है, जिस पर समाज और प्रशासन दोनों को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।