
Chandigarh, Mar 10 (KNN) हरियाणा के उत्पाद शुल्क और कराधान विभाग ने सिस्टम द्वारा स्वचालित रूप से अनुमोदित जीएसटी पंजीकरणों के अनिवार्य भौतिक सत्यापन का निर्देश दिया है और उन मामलों में सुधार का आदेश दिया है जहां करदाताओं को गलत क्षेत्राधिकार में मैप किया गया है।
निर्देश उन टिप्पणियों का पालन करते हैं कि केंद्रीय माल और सेवा कर नियम 2017 के प्रावधानों के तहत बड़ी संख्या में पंजीकरण स्वचालित रूप से अनुमोदित किए गए थे। अधिकारियों ने नोट किया कि ऐसी मंजूरी सिस्टम-संचालित प्रक्रियाओं के माध्यम से थोड़े समय के भीतर प्रदान की गई थी।
भौतिक सत्यापन एवं निश्चित समय-सीमा
प्रामाणिकता और नियामक अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, विभाग ने अनिवार्य किया है कि सभी सिस्टम-अनुमोदित पंजीकरणों को संबंधित क्षेत्राधिकार अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन से गुजरना होगा।
कराधान निरीक्षकों को निर्दिष्ट समयसीमा के भीतर सत्यापन पूरा करने और वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटी पोर्टल) पर स्थिति अपडेट करने के लिए कहा गया है।
नवंबर 2025 में स्वीकृत पंजीकरणों को 31 दिसंबर तक सत्यापित किया जाना चाहिए, जबकि दिसंबर 2025 में अनुमोदित पंजीकरणों को 15 जनवरी तक सत्यापित किया जाना चाहिए।
विभाग ने ऐसे उदाहरणों की भी पहचान की है जहां करदाताओं को गलत वार्ड या जिले सौंपे गए थे। उप-राज्य प्रशासकों को ऐसे मामलों की समीक्षा करने और करदाताओं को उचित जिले या वार्ड क्षेत्राधिकार में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। अंतर-रेंज स्थानांतरण से जुड़े मामलों को मुख्य कार्यालय में राज्य प्रशासक से अनुमोदन की आवश्यकता होगी।
निगरानी तंत्र
अधिकारियों को 22 दिसंबर, 2025 तक क्षेत्राधिकार संबंधी सुधार पूरा करने का निर्देश दिया गया है। सत्यापन या क्षेत्राधिकार सुधार की आवश्यकता वाले करदाताओं की एक सूची फील्ड अधिकारियों की समीक्षा के लिए सिस्टम पर उपलब्ध कराई गई है।
उप उत्पाद एवं कराधान आयुक्तों (राज्य कर) को समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन और सुधार प्रक्रिया की निगरानी करने का काम सौंपा गया है। विभाग ने कहा कि उपायों का उद्देश्य जीएसटी पंजीकरण की जांच को मजबूत करना और प्रशासनिक सटीकता में सुधार करना है।
(केएनएन ब्यूरो)