नई दिल्ली, जुलाई 22 (केएनएन) केंद्रीय माइक्रो, छोटे और मध्यम उद्यमों के केंद्रीय मंत्री जितन राम मांझी ने सोमवार को राज्यसभा को सूचित किया कि 340 मिलियन से अधिक लोगों ने 2014 से UDYAM और UDYAM असिस्ट पोर्टल्स के माध्यम से सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों में रोजगार प्राप्त किया है।
मंत्री ने संसदीय सत्र के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह जानकारी प्रदान की।
मांझी ने जोर देकर कहा कि छोटे उद्यमों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध है और श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता मिल रही है।
उन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजाना को एक उदाहरण के रूप में उद्धृत किया, यह देखते हुए कि कोबलर्स और सैलून श्रमिकों सहित लाभार्थियों को कार्यक्रम के तहत मौद्रिक समर्थन मिला है।
मंत्री ने इस क्षेत्र में उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से हरियाणा में सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) में डिजिटल परिवर्तन और कृत्रिम खुफिया अपनाने को बढ़ावा देने की पहल को भी संबोधित किया।
उन्होंने भारतई मिशन के माध्यम से प्रौद्योगिकी विकास के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को रेखांकित किया।
मांझी के अनुसार, इंडियाई मिशन सात अलग -अलग स्तंभों के माध्यम से संचालित होता है: इंडियाई कंप्यूट क्षमता, इंडियाई इनोवेशन सेंटर, इंडियाई एप्लीकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव, इंडियाई स्टार्टअप फाइनेंसिंग, इंडियाई फ्यूचरस्किल्स, इंडियाई डेटासेट प्लेटफॉर्म और सेफ एंड ट्रस्टेड एआई।
मंत्री ने कहा कि सरकार विशेष रूप से हरियाणा में प्रौद्योगिकी विकास को आगे बढ़ाने के लिए इन ढांचे के तहत सक्रिय रूप से काम कर रही है।
यह घोषणा MSME क्षेत्र को मजबूत करने पर सरकार के व्यापक ध्यान के हिस्से के रूप में आती है, जो भारत के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
यह क्षेत्र देश भर में छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए परिचालन दक्षता और बाजार की पहुंच में सुधार के उद्देश्य से विभिन्न डिजिटलाइजेशन पहल का एक प्रमुख लाभार्थी रहा है।
(केएनएन ब्यूरो)