नई दिल्ली, 1 फरवरी (केएनएन) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपना लगातार नौवां बजट पेश करते हुए भारत की जलवायु और औद्योगिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कई पहलों की शुरुआत की।

दिसंबर 2025 में लॉन्च किए गए कार्बन कैप्चर, यूटिलाइज़ेशन और स्टोरेज (सीसीयूएस) रोडमैप के साथ संरेखित करते हुए, केंद्रीय बजट 2026-27 में प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में सीसीयूएस प्रौद्योगिकियों को बढ़ाने का प्रस्ताव है।

इस पहल का उद्देश्य पांच क्षेत्रों- बिजली, इस्पात, सीमेंट, रिफाइनरियों और रसायनों में अंतिम उपयोग अनुप्रयोगों में प्रौद्योगिकी की तैयारी और तैनाती को बढ़ाना है।

औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन और इसकी दीर्घकालिक जलवायु प्रतिबद्धताओं की दिशा में भारत के प्रयासों को मजबूत करने, बड़े पैमाने पर सीसीयूएस समाधानों के विकास और अपनाने का समर्थन करने के लिए अगले पांच वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।

आईसीआरए ईएसजी रेटिंग्स के मुख्य रेटिंग अधिकारी शीतल शरद ने कहा, “सीसीयूएस के लिए 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन कठिन क्षेत्रों में कम कार्बन प्रौद्योगिकी अपनाने को प्रोत्साहित करता है।”

(केएनएन ब्यूरो)



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