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NEET UG 2026 रद्द: NTA की विफलता या सिस्टम संकट?
नज़रिया, परीक्षा, संपादकीय

NEET UG 2026 रद्द: NTA की विफलता या सिस्टम संकट?

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद NTA की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल उठे हैं। NEET-UG 2026 रद्द: NTA अब भरोसे के लायक बची भी है? 22 लाख से ज़्यादा परिवारों के सपनों पर पानी फिर गया। एक कथित पेपर लीक ने पूरे परीक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया। 3 मई को परीक्षा हुई, 12 मई को रद्द। सिर्फ नौ दिन। इतने में लाखों युवा फिर उसी मानसिक गर्त में धकेल दिए गए जहां से वे मुश्किल से निकले थे। यह सिर्फ एक परीक्षा रद्द होने की खबर नहीं है। यह उस भरोसे का टूटना है जिस पर देश के मध्यमवर्ग और ग्रामीण परिवारों के डॉक्टर बनने के सपने टिके हुए हैं। देश में मेडिकल की पढ़ाई केवल एक करियर विकल्प नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों का सबसे बड़ा दरवाज़ा है। यही वजह है कि हर साल NEET-UG परीक्षा केवल एक एग्जाम नहीं रहती, बल्कि सामाजिक दबाव, आर्थिक संघर्ष और वर्षों की मेहनत का निर्णायक पड़ाव बन जाती है। लेक...
स्वरोज़गार संकट: 58 लाख नए कारोबार, कमाई बेहद कम
अर्थ जगत, नज़रिया, संपादकीय, स्वरोजगार

स्वरोज़गार संकट: 58 लाख नए कारोबार, कमाई बेहद कम

सांकेतिक फ़ोटो NSO रिपोर्ट 2025 में खुलासा, 58 लाख नए छोटे कारोबार शुरू हुए लेकिन करोड़ों स्वरोज़गारियों की आय न्यूनतम वेतन से भी कम रही। स्वरोज़गार का सच: 58 लाख नए कारोबार, लेकिन कमाई दिहाड़ी मजदूर से भी कम बढ़ते ‘सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट’ के पीछे क्या छिपा है भारत का रोज़गार संकट? भारत में अक्सर यह कहा जाता है कि “लोग नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे हैं।” सरकारें स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता को आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई धुरी बताती रही हैं। लेकिन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ताजा वार्षिक सर्वेक्षण रिपोर्ट इस चमकदार दावे के पीछे की कठोर वास्तविकता सामने रखती है। देश में एक साल के भीतर 58 लाख नए असंगठित कारोबार शुरू हुए। पहली नजर में यह आर्थिक सक्रियता और उद्यमशीलता का संकेत लगता है। मगर जब यही रिपोर्ट बताती है कि इन कारोबारों से जुड़ा व्यक्ति औसतन 60...
तमिलनाडु में सरकार गठन पर संकट: क्या TVK को सरकार बनाने से रोका जा रहा है?
2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव, नज़रिया, संपादकीय

तमिलनाडु में सरकार गठन पर संकट: क्या TVK को सरकार बनाने से रोका जा रहा है?

AI द्वारा बनाई गई सांकेतिक फ़ोटो तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा के बाद TVK प्रमुख थलपति विजय को सरकार बनाने का न्योता नहीं मिलने पर संवैधानिक बहस तेज। जानिए बहुमत, फ्लोर टेस्ट और गवर्नर की भूमिका पर पूरा विश्लेषण। तमिलनाडु में सत्ता का नया गणित: क्या राजभवन तय करेगा बहुमत, या सदन? द्रविड़ राजनीति के बाद का पहला बड़ा संवैधानिक इम्तिहान तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय तक एक स्थिर “द्रविड़ियन डुओपोली” — DMK और AIADMK — के इर्द-गिर्द घूमती रही। लेकिन 2026 का जनादेश उस पुराने ढांचे को तोड़ चुका है। अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी TVK का सबसे बड़े दल के रूप में उभरना केवल चुनावी बदलाव नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक संस्कृति में एक संरचनात्मक परिवर्तन है। और अब इस परिवर्तन का पहला बड़ा परीक्षण राजभवन बनाम विधानसभा की बहस में दिखाई दे रहा है। मुद्दा सीधा है, लेकिन उसके ...
ट्रम्प का विवादित बयान: जन्मसिद्ध नागरिकता, ब्रेन ड्रेन और प्रवास पर नई बहस
नज़रिया, संपादकीय

ट्रम्प का विवादित बयान: जन्मसिद्ध नागरिकता, ब्रेन ड्रेन और प्रवास पर नई बहस

नागरिकता, ‘ब्रेन ड्रेन’ और पहचान की राजनीति: ट्रम्प के बयान से उठते बड़े सवाल अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसने वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ दी है। जन्म के आधार पर नागरिकता (Birthright Citizenship) पर सवाल उठाते हुए उन्होंने भारत और चीन जैसे देशों को “हेल होल” यानी “नरक का द्वार” कहा। यह टिप्पणी सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं है; यह उस सोच की झलक है, जो प्रवास, पहचान और अवसरों को लेकर आज कई समाजों में गहराई तक मौजूद है। ट्रम्प का तर्क है कि जन्म के आधार पर नागरिकता देने की नीति का दुरुपयोग होता है। उनके अनुसार, प्रवासी अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिक बनवाने के लिए इस व्यवस्था का लाभ उठाते हैं और फिर धीरे-धीरे पूरा परिवार अमेरिका में बस जाता है। इस दलील के साथ उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर अदालतों के बजाय जनमत-संग्रह से फैसला होना चाहिए। ...
इज़राइल, ईरान, नज़रिया, विश्लेषण

डिमोना हमले ने THAAD-Patriot की छवि पर उठाए सवाल

डिमोना पर ईरानी हमले ने THAAD, Patriot और Arrow रक्षा प्रणाली की ‘अभेद्य’ छवि तोड़ी: विश्लेषक विशेषज्ञ का दावा, ईरान की बढ़ी मिसाइल क्षमता ने इज़राइल की बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली की कमजोरियां उजागर कीं मॉस्को/तेल अवीव, 23 मार्च: ईरान के डिमोना क्षेत्र पर हालिया हमले ने इज़राइल और अमेरिका समर्थित उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों की प्रभावशीलता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ डॉ. साइमन सिपिस का कहना है कि ईरान की मिसाइल क्षमता में आई बड़ी बढ़त ने इज़राइल की बहु-स्तरीय वायु सुरक्षा ढांचे को भेदने की क्षमता दिखाई है। यह रिपोर्ट Sputnik के हवाले से सामने आई है। डॉ. सिपिस के अनुसार, ईरान की जवाबी कार्रवाई के दौरान दागे गए कई वारहेड डिमोना के लक्ष्य क्षेत्र तक पहुंचने में सफल रहे। डिमोना वही इलाका है, जहां इज़राइल की परमाणु अनुसंधान सुविधा स्थित...
विजय शाह विवाद: कर्नल सोफिया को ‘आतंकवादी की बहन’ कहने पर मंत्री पर कार्रवाई की मांग
देश, नज़रिया, राजनीति

विजय शाह विवाद: कर्नल सोफिया को ‘आतंकवादी की बहन’ कहने पर मंत्री पर कार्रवाई की मांग

कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह और सेना अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी | मोदीजी, मंत्री विजय शाह को बर्खास्त करें जिन्होंने कर्नल सोफिया को आतंकवादियों की बहन कहा,  हर बात के लिए माफ़ी नहीं दी जा सकती। बीजेपी मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को "आतंकवादियों की बहन" कहकर विवाद खड़ा कर दिया है। सेना और मुस्लिमों पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर देशभर में विरोध हो रहा है। पीएम मोदी से मंत्री को बर्खास्त करने की मांग।   भोपाल (मध्य प्रदेश): भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई को पूरे देश में एक आदर्श माना जाता है। पार्टी नेतृत्व इस पर गर्व करता है। लेकिन, ज़ुबान पर नियंत्रण न रखने वाले मंत्री विजय शाह ने सरकार और संगठन दोनों की छवि को नुकसान पहुँचाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कर्नल सोफिया कुरैशी और मुस्लिम समुदाय पर दिए गए उनके बयान शर्मनाक हैं। अपने बयान में शाह ने ...
विकलांग रहते हुए नरसंहार का सामना
नज़रिया, फ़िलिस्तीन

विकलांग रहते हुए नरसंहार का सामना

गाजा में नरसंहार बड़े पैमाने पर अक्षम करने वाली घटना है। 400 से अधिक दिनों तक चले इज़रायली हवाई हमलों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर लगातार ज़मीनी हमलों के कारण 22,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं जिन्होंने जीवन बदलने वाली चोटें झेली हैं। मौजूदा विकलांगता वाले सैकड़ों लोग मारे गए हैं या मलबे के नीचे हैं। गाजा की नब्बे प्रतिशत आबादी विस्थापित हो चुकी है, कुछ तो 20 बार। बुनियादी ढांचे का विनाश सभी प्रकार की विकलांगताओं वाले लोगों की गतिशीलता में बाधा डालता है, जिससे इजरायली सेना द्वारा आदेश दिए जाने पर उनके लिए भागना बेहद मुश्किल हो जाता है। जिस तरह इज़रायली सेना पट्टी की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को नष्ट कर रही है, उसने विकलांग लोगों के लिए मौजूद देखभाल प्रणाली को भी नष्ट कर दिया है, जिससे क्षेत्र में काम करने वाले कई पेशेवर मारे गए हैं। 13 मई को, बधिर बच्चों के लिए अटफालुना सोसाइटी के संस्थापक और...
जम्मू-कश्मीर विस चुनाव परिणाम ने कश्मीरी राष्ट्रीयता के संरक्षक के रूप में एनसी की स्थिति को फिर से पुष्ट किया
जम्मू - कश्मीर, नज़रिया, राजनीति

जम्मू-कश्मीर विस चुनाव परिणाम ने कश्मीरी राष्ट्रीयता के संरक्षक के रूप में एनसी की स्थिति को फिर से पुष्ट किया

लव पुरी 10 अक्टूबर 1996 की दोपहर को, सात वर्षों के आतंकवाद और राजनीतिक निष्क्रियता के बाद मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते समय फारूक अब्दुल्ला फूट-फूट कर रो पड़े थे। उनके शपथ ग्रहण समारोह में देश की अनेक राजनीतिक हस्तियां मौजूद थीं। डल झील के किनारे सेंटूर होटल में राज्यपाल जनरल केवी कृष्ण राव ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। 1996 में जम्मू और कश्मीर (J & K) में राजनीति को पुनर्जीवित करना एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में देखा गया था, क्योंकि विशेष रूप से नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सहित हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवा दी थी। देश के लोकतांत्रिक संस्थानों में आतंकवाद से तबाह क्षेत्र के लोगों के विश्वास को बहाल करने के लिए चुनावी गतिविधि को महत्वपूर्ण माना गया था।   लगभग 28 साल बाद, अक्टूबर में, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला दूसरी बार जम्मू-कश्म...
सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि एक आंदोलन: नाना पटोले
नज़रिया, राजनीति

सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि एक आंदोलन: नाना पटोले

भारत ने 1947 में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से मुक्ति पाकर स्वतंत्रता प्राप्त की। कांग्रेस पार्टी ने लोगों को आजादी के लिए लड़ना सिखाया और उनमें आजादी का पाठ पढ़ाया। पार्टी ने देश के विकास का मार्ग प्रशस्त किया और लोगों के सामने एक विकसित राष्ट्र का सपना पेश किया। कांग्रेस ने देश की संस्कृति को संरक्षित करने और मानवता के सिद्धांतों को स्थापित करने के लिए भी काम किया। "कांग्रेस सिर्फ एक विचार नहीं है, यह एक आंदोलन है।" आजादी से पहले से लेकर आज तक कांग्रेस पार्टी इसी विचारधारा पर टिकी हुई है, जो नाना पटोले की बचपन से लेकर अब तक की आस्थाओं में साफ झलकती है.   नाना पटोले के पास अपनी कोई राजनीतिक विरासत नहीं थी, लेकिन जब भी सामाजिक कार्यों का जिक्र होता था, वे हमेशा मदद के लिए तैयार रहते थे- यह बात उनके बचपन से ही सच है। इस प्रकार, जब भी किसी को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, तो उसका ...
ग़ाज़ा में एक शहीद का जन्मदिन मनाया गया | इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष
नज़रिया, फ़िलिस्तीन

ग़ाज़ा में एक शहीद का जन्मदिन मनाया गया | इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष

4 सितंबर की सुबह, मेरी आठ वर्षीय भतीजी जूडी चमकती आँखों और उत्साह से उठी और उसने सुझाव दिया कि हम उसके पिता का जन्मदिन मनाएँ। उसके पिता मोआताज़ रजब को खोए हुए 25 दिन हो चुके थे। हत्याकांड इज़रायली सेना ने गाजा शहर के अल-तबईन स्कूल में हमला किया था। वह उन 100 से ज़्यादा आम नागरिकों में से एक था, जिन्होंने अपने परिवार के साथ स्कूल में शरण ली थी।   हालांकि जूडी को पता था कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन यह स्पष्ट था कि वह कैलेंडर की उस तारीख को याद करने की कोशिश कर रही थी जो हमेशा से उसके और उसके भाई-बहनों के लिए खास रही थी।   चूंकि पूरा परिवार - जिसमें मेरी बहन, जूडी की माँ भी शामिल थी - अभी भी बहुत शोक में था, इसलिए किसी को भी नहीं पता था कि स्थिति को कैसे संभाला जाए। हमने एक-दूसरे को देखा, उम्मीद थी कि हममें से कोई आगे आकर मामले को संभाल लेगा।   ...