कृषि व्यवसाय

प्राकृतिक रेशा: भारतीय वस्त्र उद्योग की शक्ति और भविष्य की चुनौतियां
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प्राकृतिक रेशा: भारतीय वस्त्र उद्योग की शक्ति और भविष्य की चुनौतियां

Image Credit: PIB प्राकृतिक रेशा भारतीय वस्त्र उद्योग की आधारशिला: केंद्रीय कृषि मंत्री ​गांधीनगर (गुजरात): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने प्राकृतिक रेशों के आर्थिक और सामाजिक महत्व पर बल देते हुए इन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ करार दिया है। गांधीनगर में आयोजित 'टेक्सटाइल इंडिया 2017' को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के समावेशी विकास में इस क्षेत्र का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। ​उद्योग में 60% से अधिक की हिस्सेदारी ​मंत्री ने रेखांकित किया कि भारतीय वस्त्र उद्योग मुख्य रूप से प्राकृतिक रेशों पर टिका हुआ है, जिसकी कुल उद्योग में 60% से अधिक की भागीदारी है। कृषि के उपरांत, यह क्षेत्र रोजगार सृजन का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। वर्तमान में भारत के लगभग 30 लाख किसान इस क्षेत्र से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर 7.5 करोड़ परिवार प्र...