प्लास्टिक उद्योग को बजट के घरेलू उत्पादन, नवाचार और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलने से लाभ होगा: प्लास्टइंडिया फाउंडेशन


नई दिल्ली, 2 फरवरी (केएनएन) भारत के प्लास्टिक उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए इसे एक संतुलित, दूरदर्शी योजना बताया है जो आर्थिक विकास, विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता का समर्थन करती है।

प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष, रवीश कामथ ने कहा, “बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, विनिर्माण, एमएसएमई समर्थन, व्यापार करने में आसानी और कौशल पर जोर देने से प्लास्टिक और डाउनस्ट्रीम उद्योगों पर सकारात्मक गुणक प्रभाव पड़ेगा, जो पैकेजिंग, कृषि, स्वास्थ्य देखभाल, निर्माण और गतिशीलता जैसे क्षेत्रों के अभिन्न अंग हैं।”

उन्होंने कहा, “घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के उपायों से प्लास्टिक उद्योग को काफी फायदा होगा, जो अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में विकास को सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”

उन्होंने कहा कि एमएसएमई पर निरंतर ध्यान, ऋण तक पहुंच और प्रौद्योगिकी उन्नयन से भारतीय प्लास्टिक प्रोसेसरों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कामथ ने जोर देकर कहा, “स्थिरता, चक्रीय अर्थव्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित पहल, यह देखते हुए कि ये प्लास्टिक उद्योग के जिम्मेदार विनिर्माण, रीसाइक्लिंग और संसाधन दक्षता की दिशा में चल रहे संक्रमण के साथ अच्छी तरह से संरेखित हैं, स्वागत योग्य हैं।”

उन्होंने प्लास्टिक उद्योग की उन नीतियों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता दोहराई जो प्लास्टिक के सर्कुलरिटी और पर्यावरण की दृष्टि से जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देती हैं।

(केएनएन ब्यूरो)



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