नई दिल्ली, 1 जनवरी (केएनएन) भारत का कुल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह दिसंबर 2025 में साल-दर-साल 6.1% बढ़कर 1,74,550 करोड़ रुपये हो गया।
जीएसटी संग्रह में धीमी वृद्धि सभी क्षेत्रों में व्यापक दर में कटौती को दर्शाती है जो 22 सितंबर, 2025 को प्रभावी हुई।
संचयी आधार पर, चालू वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में जीएसटी संग्रह 16,50,039 करोड़ रुपये रहा, इस प्रकार पिछले वर्ष की समान अवधि में 15,19,797 करोड़ रुपये की तुलना में साल-दर-साल 8.6% की वृद्धि दर्ज की गई।
वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि दिसंबर 2025 के दौरान घरेलू जीएसटी राजस्व 1,22,574 करोड़ रुपये था, जबकि पिछले वर्ष के इसी महीने में यह 1,21,118 करोड़ रुपये था।
हालाँकि, आयात से जीएसटी राजस्व दिसंबर 2025 में 19.7% की अच्छी गति से बढ़कर 51,977 करोड़ रुपये हो गया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में शुद्ध जीएसटी राजस्व (रिफंड के बाद) साल-दर-साल 2.2% बढ़कर 1,45,570 करोड़ रुपये हो गया।
जीएसटी सुधार 2.0 के हिस्से के रूप में, जीएसटी परिषद ने अधिकांश वस्तुओं के लिए पहले की चार-स्लैब संरचना से सरलीकृत दो-स्लैब संरचना (5% और 18%) पर जाने का निर्णय लिया।
जीएसटी सुधार का उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए परिवारों पर बोझ को कम करना है।
(केएनएन ब्यूरो)