नई दिल्ली, 20 दिसंबर (केएनएन) भारत और नीदरलैंड ने शुक्रवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से भारत-नीदरलैंड संयुक्त व्यापार और निवेश समिति (जेटीआईसी) की स्थापना की घोषणा की।

भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय और नीदरलैंड के विदेश मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

व्यापार और निवेश संवाद के लिए संस्थागत ढांचा
समझौता ज्ञापन जेटीआईसी को व्यापार और निवेश मुद्दों पर नियमित बातचीत के लिए एक औपचारिक संस्थागत तंत्र बनाता है। समिति द्विपक्षीय व्यापार संबंधों की समीक्षा करने, दोतरफा निवेश को बढ़ावा देने, व्यापार और निवेश बाधाओं को दूर करने और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग का पता लगाने के लिए एक समर्पित मंच के रूप में काम करेगी।

जेटीआईसी की संरचना और कार्यप्रणाली
JTIC की वार्षिक बैठक होगी, जिसमें बारी-बारी से भारत और नीदरलैंड में बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य निरंतरता और निरंतर संस्थागत जुड़ाव सुनिश्चित करना है।

समिति की सह-अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव, वाणिज्य विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार और महानिदेशक (विदेशी आर्थिक संबंध), विदेश मंत्रालय, नीदरलैंड्स द्वारा की जाएगी। इसमें सरकारी अधिकारियों और अन्य नामित सदस्यों सहित दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे।

सहयोग के प्रमुख उद्देश्य और क्षेत्र
जेटीआईसी मौजूदा व्यापार और निवेश बाधाओं की पहचान करने और उन्हें संबोधित करने की दिशा में काम करेगा, साथ ही सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सुविधा उपायों के विकास में भी योगदान देगा। यह एमएसएमई पर विशेष ध्यान देने के साथ दोनों देशों में वाणिज्य और उद्योग मंडलों के बीच बातचीत को बढ़ावा देगा।

समिति सरकारों और निजी क्षेत्र के बीच परामर्श सहित आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसर भी तलाशेगी।

एमओयू पर हस्ताक्षर करना भारत और नीदरलैंड की अपनी आर्थिक साझेदारी को गहरा करने, लचीली और विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने और टिकाऊ और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

(केएनएन ब्यूरो)



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