नई दिल्ली, 23 जनवरी (केएनएन) भारतीय कॉफी बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2025 में भारत का कॉफी निर्यात मात्रा के हिसाब से 4.47 प्रतिशत घटकर 3.84 लाख टन रह गया, जबकि निर्यात आय 22.50 प्रतिशत तेजी से बढ़कर 2,058.06 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई। इसकी तुलना में, 2024 में शिपमेंट 4.02 लाख टन था।

निर्यात मूल्य में वृद्धि को उच्च इकाई मूल्य प्राप्ति से समर्थन मिला। 2025 में औसत निर्यात मूल्य बढ़कर 4.65 लाख रुपये प्रति टन हो गया, जो पिछले वर्ष में 3.48 लाख रुपये प्रति टन था।

अरेबिका और रोबस्टा निर्यात में गिरावट

कॉफ़ी बोर्ड के आंकड़ों से पता चला है कि अरेबिका कॉफ़ी निर्यात में भारी गिरावट आई है, जो एक साल पहले के 44,315 टन से 2025 में 65 प्रतिशत घटकर 15,607 टन रह गया। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, रोबस्टा कॉफी के निर्यात में भी गिरावट आई और इसी अवधि के दौरान यह 2.07 लाख टन से 13 प्रतिशत गिरकर 1.80 लाख टन रह गया।

इंस्टेंट कॉफ़ी विकास दर्शाती है

ग्रीन कॉफी शिपमेंट में समग्र गिरावट के विपरीत, इंस्टेंट कॉफी के निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। 2025 में शिपमेंट 11.56 प्रतिशत बढ़कर 46,954 टन हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 42,054 टन था, जो मूल्यवर्धित कॉफी उत्पादों की स्थिर मांग का संकेत देता है।

प्रमुख निर्यात बाज़ार

इटली, रूस और जर्मनी 2025 में भारतीय कॉफी निर्यात के लिए शीर्ष तीन गंतव्यों के रूप में उभरे। इटली में कुल 60,688 टन का शिपमेंट हुआ, इसके बाद रूस में 31,505 टन और जर्मनी में 28,840 टन का निर्यात हुआ।

उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, भारत वर्तमान में वैश्विक कॉफी उत्पादन में सातवें और कॉफी निर्यात में पांचवें स्थान पर है।

(केएनएन ब्यूरो)



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