नई दिल्ली, 3 फरवरी (केएनएन) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और यूरोपीय आयोग के संचार नेटवर्क, सामग्री और प्रौद्योगिकी महानिदेशालय (डीजी कनेक्ट) ने मंगलवार को उन्नत इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर और मुहरों पर एक प्रशासनिक व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए।
MeitY सचिव और DG CONNECT महानिदेशक द्वारा हस्ताक्षरित समझौते का उद्देश्य भारतीय और EU कानूनों के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, इलेक्ट्रॉनिक सील और सार्वजनिक कुंजी इन्फ्रास्ट्रक्चर (PKI) सिस्टम की अंतरसंचालनीयता को सक्षम करके भारत-यूरोपीय संघ (EU) डिजिटल सहयोग को बढ़ाना है।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के तहत, MeitY प्रमाणन प्राधिकरण नियंत्रक (सीसीए) के माध्यम से ढांचे को लागू करेगा।
व्यवस्था के तहत, भारत और यूरोपीय संघ ने मान्यता प्राप्त सेवा प्रदाताओं की अपनी विश्वसनीय सूचियों को जोड़ने की योजना बनाई है, जिससे सीमाओं के पार इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर और मुहरों का आसान सत्यापन हो सके।
इससे भारतीय निर्यातकों और यूरोपीय संघ के खरीदारों को अनुबंध, चालान और अनुपालन दस्तावेजों पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने, लेनदेन के समय, लागत और सत्यापन प्रयास को कम करने में सक्षम बनाकर सीमा पार व्यापार को सुव्यवस्थित करने की उम्मीद है।
इस समझौते से विशेष रूप से सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यमों को लाभ होने और भविष्य में गहरे सहयोग की नींव रखते हुए भारत-ईयू डिजिटल व्यापार में कानूनी निश्चितता और विश्वास मजबूत होने की उम्मीद है।
(केएनएन ब्यूरो)