नई दिल्ली, 20 दिसंबर (केएनएन) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद को बताया कि सरकार ने बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में साइबर स्पेस की सुरक्षा के लिए कई नीतिगत और संस्थागत उपाय किए हैं, जो राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

एक लिखित उत्तर में, मंत्री ने कहा कि सरकार भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी प्रणालियों पर साइबर खतरों के प्रति सतर्क और पूरी तरह से सचेत है।

सीईआरटी-इन और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन
भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) को साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के लिए राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को भी देश की महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (सीआईआई) के हिस्से के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

नेशनल क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर (एनसीआईआईपीसी) जोखिम मूल्यांकन करने, सेक्टर-विशिष्ट सलाह जारी करने और सुरक्षात्मक उपायों को लागू करने के लिए सीईआरटी-इन, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), सीईआरटी-फिन और बैंकिंग संस्थानों के साथ निकट समन्वय में काम करता है।

कंप्यूटर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया टीम-वित्त (सीएसआईआरटी-फिन) सीईआरटी-इन के समग्र मार्गदर्शन के तहत वित्तीय क्षेत्र से रिपोर्ट की गई साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया देती है।

आरबीआई ने बैंकों के लिए एक व्यापक साइबर सुरक्षा ढांचा जारी किया है, जिसमें बैंकिंग प्रणाली में साइबर सुरक्षा नियंत्रण लागू करने के लिए मानक और दिशानिर्देश तय किए गए हैं।

CERT-In ने बैंकिंग सहित सभी क्षेत्रों में सूचना सुरक्षा सर्वोत्तम प्रथाओं के कार्यान्वयन का समर्थन और ऑडिट करने के लिए 231 सुरक्षा ऑडिटिंग संगठनों को भी सूचीबद्ध किया है।

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा पहल
राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र (एनसीसीसी), जो साइबर खतरों का पता लगाने के लिए साइबरस्पेस की निगरानी करता है और सभी हितधारकों के साथ कार्रवाई योग्य जानकारी साझा करता है, लागू किया गया है।

CERT-In साइबर स्वच्छता केंद्र भी संचालित करता है, जो एक नागरिक-केंद्रित पहल है जो बॉटनेट सफाई और मैलवेयर विश्लेषण पर केंद्रित है। केंद्र दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर का पता लगाने और उसे हटाने के लिए मुफ़्त उपकरण प्रदान करता है।

तैयारी, लेखा परीक्षा और जागरूकता
CERT-In ने साइबर हमलों और साइबर आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक साइबर संकट प्रबंधन योजना तैयार की है, जिसे सभी मंत्रालयों और विभागों द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। नियमित साइबर सुरक्षा मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाती है।

इसके अलावा, सीईआरटी-इन ने प्रीपेड भुगतान उपकरण (पीपीआई) जारी करने वाली सभी अधिकृत संस्थाओं और बैंकों को सूचीबद्ध लेखा परीक्षकों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर विशेष साइबर सुरक्षा ऑडिट करने की सलाह दी है।

आरबीआई ने अपना ‘आरबीआई कहता है’ अभियान जारी रखा है, जो नागरिकों को डिजिटल भुगतान विकल्पों और सुरक्षित, संरक्षित और सुविधाजनक उपयोग प्रथाओं के बारे में शिक्षित करता है।

(केएनएन ब्यूरो)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *