नई दिल्ली, 2 फरवरी (केएनएन) श्रम और रोजगार मंत्रालय ने एक राजपत्र अधिसूचना जारी की है जिसमें वेतन संहिता, 2019 के तहत पर्यवेक्षी कर्मियों के वर्गीकरण को स्पष्ट किया गया है, जिसमें वैधानिक वेतन संबंधी लाभों की पात्रता के निहितार्थ शामिल हैं।

अधिसूचना एसओ 454 (ई) के अनुसार, केंद्र सरकार ने पर्यवेक्षी भूमिकाओं में लगे कर्मचारियों के लिए 18,000 रुपये की मासिक वेतन सीमा तय की है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि वे ‘श्रमिक’ की कानूनी परिभाषा में आते हैं या नहीं।

हालाँकि, बिक्री संवर्धन कर्मचारियों के साथ प्रति माह 18,000 रुपये या उससे कम वेतन पाने वाले पर्यवेक्षी कर्मचारियों को संहिता के तहत ‘श्रमिकों’ के रूप में वर्गीकृत किया जाना जारी रहेगा।

यह स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है क्योंकि श्रम संहिता के तहत न्यूनतम वेतन पात्रता और अन्य वेतन संबंधी सुरक्षा उपाय जैसे वैधानिक सुरक्षा केवल ‘श्रमिक’ के रूप में वर्गीकृत लोगों पर लागू होते हैं।

सीमा से अधिक कमाई करने वाले पर्यवेक्षी कर्मचारी संविदात्मक और सेवा संबंधी उद्देश्यों के लिए ‘कर्मचारी’ बने रहेंगे, लेकिन कर्मचारी विशिष्ट वैधानिक लाभों के लिए पात्र नहीं होंगे।

अधिसूचना का उद्देश्य वेतन संहिता के अनुप्रयोग में अस्पष्टता को दूर करना है, विशेष रूप से विभिन्न क्षेत्रों में पर्यवेक्षी कर्मचारियों को नियुक्त करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए।

(केएनएन ब्यूरो)



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