हैदराबाद, 20 दिसंबर (केएनएन) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय निदेशक मंडल ने शुक्रवार को बैंकों के लिए जोखिम-आधारित जमा बीमा ढांचे को मंजूरी दे दी, जो लंबे समय से चली आ रही फ्लैट-रेट प्रीमियम प्रणाली में बदलाव का प्रतीक है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​की अध्यक्षता में हैदराबाद में आयोजित केंद्रीय बोर्ड की 620वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया।

बोर्ड ने मौजूदा वैश्विक और घरेलू आर्थिक स्थिति और संबंधित चुनौतियों पर चर्चा की। इसने चुनिंदा केंद्रीय कार्यालय विभागों के कामकाज की भी समीक्षा की और भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति और प्रगति, 2024-25 पर मसौदा रिपोर्ट की जांच की।

यह मंजूरी मौजूदा फ्लैट-रेट जमा बीमा योजना के विकल्प के रूप में जोखिम-आधारित प्रीमियम मॉडल पेश करने के लिए अक्टूबर में घोषित आरबीआई के प्रस्ताव का अनुसरण करती है।

1962 से जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) द्वारा प्रशासित वर्तमान प्रणाली के तहत, बैंक मूल्यांकन योग्य जमा पर प्रति 100 रुपये पर 12 पैसे का एक समान प्रीमियम का भुगतान करते हैं।

केंद्रीय बैंक ने पहले नोट किया था कि हालांकि फ्लैट-रेट प्रणाली को संचालित करना आसान है, लेकिन यह बैंकों के बीच उनकी वित्तीय सुदृढ़ता के आधार पर अंतर नहीं करता है।

प्रस्तावित जोखिम-आधारित ढांचे से बीमा प्रीमियम को बैंकों के जोखिम प्रोफाइल से जोड़ने की उम्मीद है, जिससे मजबूत और अधिक स्थिर संस्थानों को कम प्रीमियम भुगतान से लाभ मिल सकेगा।

आरबीआई ने पहले संकेत दिया था कि नए ढांचे के परिचालन पहलुओं को रेखांकित करने वाली एक विस्तृत अधिसूचना शीघ्र ही जारी की जाएगी। जोखिम-आधारित जमा बीमा प्रणाली अगले वित्तीय वर्ष से लागू होने की उम्मीद है।

(केएनएन ब्यूरो)



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