नई दिल्ली, 1 जनवरी (केएनएन) यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेनदेन दिसंबर 2025 में बढ़ता रहा और महीने के दौरान कुल भुगतान संख्या साल-दर-साल 29% बढ़कर 21.63 बिलियन हो गई।
दिसंबर में दर्ज की गई लेन-देन की मात्रा भी अब तक की सबसे अधिक थी, जो डिजिटल भुगतान विधियों को तेजी से अपनाने को दर्शाती है।
दिसंबर 2025 के दौरान लेनदेन का मूल्य 27.97 लाख करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 20% की वृद्धि है।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में औसत दैनिक लेनदेन 698 मिलियन था, जबकि पिछले महीने में यह 682 मिलियन था।
औसत दैनिक यूपीआई लेनदेन में वृद्धि छोटे-टिकट भुगतान के लिए भुगतान प्रणाली के व्यापक उपयोग का संकेत देती है।
कैशफ्री के सीईओ और सह-संस्थापक आकाश सिन्हा ने कहा, “आज हम जो देख रहे हैं वह मौसमी तेजी नहीं है, बल्कि संरचनात्मक व्यवहार परिवर्तन है, जिसमें यूपीआई महानगरों के साथ-साथ टियर 2 और टियर 3 शहरों में भुगतान का डिफ़ॉल्ट तरीका बन गया है। व्यापक क्यूआर स्वीकृति, उपभोक्ता विश्वास में वृद्धि और उच्च औसत टिकट आकार के साथ यूपीआई को रोजमर्रा की जिंदगी से आगे बढ़ाने, कम मूल्य की खरीदारी को अधिक सार्थक, उच्च मूल्य लेनदेन में बदलने के साथ यह अपनाना भी गहरा हो रहा है।”
पेनियरबाय के संस्थापक, एमडी और सीईओ, आनंद कुमार बजाज ने कहा कि यूपीआई की निरंतर गति न केवल पैमाने को दर्शाती है, बल्कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में इसके द्वारा अर्जित गहरे विश्वास को भी दर्शाती है।
उन्होंने कहा, “दिसंबर 2025 में 27.97 लाख करोड़ रुपये के 21.63 बिलियन लेनदेन के साथ, यूपीआई ने एक बार फिर रोजमर्रा के वाणिज्य की रीढ़ के रूप में अपनी भूमिका की पुष्टि की, जिससे मेट्रो शहरों से भारत के अंतिम मील तक निर्बाध भुगतान सक्षम हो सका।”
(केएनएन ब्यूरो)