आर्थिक सर्वेक्षण में एमएसएमई के लिए प्रमुख चुनौतियों के रूप में विलंबित भुगतान, औपचारिक ऋण तक पहुंच की कमी को चिह्नित किया गया है
नई दिल्ली, 29 जनवरी (केएनएन) गुरुवार को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, विलंबित भुगतान और औपचारिक ऋण तक सीमित पहुंच उन प्रमुख चुनौतियों में से एक है, जिनसे देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) जूझ रहे हैं।
सर्वेक्षण के अनुसार, एमएसएमई क्षेत्र के विलंबित भुगतान में अनुमानित 8.1 लाख करोड़ रुपये फंसे हुए हैं, जिससे उनकी वृद्धि प्रभावित हो रही है। इसने कानूनी रास्ता अपनाकर अपना बकाया वसूलने के संबंध में एमएसएमई की दुविधा पर प्रकाश डाला।
सर्वेक्षण में बताया गया, "जब कोई एमएसएमई किसी खरीदार के खिलाफ विलंबित भुगतान का मामला दर्ज करता है, तो इससे व्यावसायिक संबंध तनावपूर्ण या खराब हो सकते हैं। खरीदार फाइलिंग को एक प्रतिकूल कदम के रूप में देख सकते हैं और नए ऑर्डर देना बंद कर सकते हैं या साझेदारी पूरी तरह से बंद कर सकते हैं।"
सर्वेक्षण में इस बात पर प्रकाश डाला गया...

