
दिल्ली का राजकोषीय घाटा बढ़ा, 2025-26 में 62.65% उछाल; 2026-27 में सीमित बजट वृद्धि के संकेत
नई दिल्ली: दिल्ली के वित्तीय परिदृश्य में दबाव के संकेत मिल रहे हैं। वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा संशोधित अनुमान (RE) में बढ़कर ₹22,289.03 करोड़ हो गया है, जो बजट अनुमान (BE) ₹13,702.95 करोड़ की तुलना में 62.65% अधिक है।
यह बढ़ोतरी संकेत देती है कि राज्य के वित्तीय संतुलन पर दबाव बढ़ा है, खासकर ऐसे समय में जब खर्च और राजस्व के बीच अंतर तेजी से बढ़ रहा है।
सीमित रही बजट वृद्धि
इसी वित्तीय दबाव का असर आगामी बजट पर भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट परिव्यय में साल-दर-साल केवल 3.7% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह बढ़कर करीब ₹1.03 लाख करोड़ हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, घाटे में तेज वृद्धि के कारण सरकार को खर्च में सतर्क रुख अपनाना पड़ रहा है, जिससे बजट विस्तार सीमित रहा है।
आगे की दिशा
हालांकि, मौजूदा बजट अनुमान (BE) के अनुसार 2026-27 में राजकोषीय घाटा घटकर ₹16,966.29 करोड़ रहने की उम्मीद है। यह संकेत देता है कि सरकार वित्तीय अनुशासन की दिशा में कदम बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल, बढ़ते घाटे और सीमित बजटबजट वृद्धि के बीच संतुलन बनाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है, खासकर विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखते हुए।

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