सॉरी सरपंच जी: सरकारी शिक्षक ने गाँव में पढ़ाने से किया इनकार, वजह जानकर चौंक जाएंगे
गाँव की ख़ूबसूरती और सादगी के बावजूद एक सरकारी शिक्षक ने जॉइनिंग से इनकार कर दिया। वजह ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
फूलपुर गाँव में आने के बाद रमेश, रेखा और उनके दोनों बच्चों का दिल बाग़-बाग़ हो गया था। चारों तरफ़ हरियाली थी और मधुर हवा कानों में रस घोल रही थी। वे लोग वहाँ की सादगी और सौम्यता से बहुत प्रभावित हुए थे। पहाड़ की गोद में, नदी-नालों के बीच बसा, हरियाली की चादर ओढ़े हुए फूलपुर गाँव ने रमेश के परिवार को जैसे सम्मोहित कर लिया था। पेड़-पौधों को स्पर्श करती ताज़ी हवा की मधुर सरसराहट, झरने से गिरते पानी के कोलाहल और भौंरों की गूँज के बीच एक अद्भुत और अकल्पनीय शांति थी।
दरअसल, रमेश और उसकी पत्नी रेखा फूलपुर गाँव से कोसों दूर ज़िला मुख्यालय शेरपुर के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। चंद दिनों पहले विभाग ने उनका तबादला फूलपुर गाँव में कर दिया था। आज रमेश अपने परिव...
