SC ने कर्मचारियों को बाद के सेवा नियम संशोधनों के पूर्वव्यापी प्रभाव से बचाया
नई दिल्ली, 24 अगस्त (केएनएन) सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि सेवा नियमों में बाद के संशोधन किसी कर्मचारी द्वारा प्रासंगिक समय पर लागू नियमों के तहत हासिल की गई योग्यताओं को पूर्वव्यापी रूप से अमान्य नहीं कर सकते हैं, खासकर जब कर्मचारी का बाद के परिवर्तनों पर कोई नियंत्रण नहीं था।
न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने फैसला सुनाया कि मौजूदा नियमों के अनुसार काम करने वाले कर्मचारियों को अनुचित कठिनाई से बचाने के लिए सरकारी आदेशों में संशोधन की उचित व्याख्या की जानी चाहिए।
पृष्ठभूमि
मामला आरजे गजेंद्र कुमार से संबंधित है, जो अनुकंपा के आधार पर 1983 में तमिलनाडु पर्यटन विभाग में कनिष्ठ सहायक के रूप में शामिल हुए थे। तब नियमों ने कर्मचारियों को खुली या दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति दी थी।
कुमार ने 1984 में फाउंडेशन कोर्स और 1987 में दूरस्थ...