नई दिल्ली, 2 सितंबर (केएनएन) महिलाओं के नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों के लिए ऋण पहुंच और वित्तपोषण सहायता की समीक्षा के लिए स्वयं सहायता समूह (एसएचजी)-बैंक लिंकेज और व्यक्तिगत उद्यम वित्तपोषण पर एक उच्च स्तरीय बैठक 3 सितंबर, 2026 को मुंबई में आयोजित की जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान और महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री भी शामिल होंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक, वित्तीय सेवा विभाग, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, नाबार्ड, पीएफआरडीए, केंद्रीय मंत्रालय और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग लेंगे।
चर्चा व्यक्तिगत उद्यम क्रेडिट पोर्टफोलियो को दोगुना करने, एसएचजी को औसत ऋण संवितरण बढ़ाने, ऋण प्रसंस्करण समय को कम करने, शेष एसएचजी के बीच क्रेडिट लिंकेज का विस्तार करने, विशेष रूप से कठिन क्षेत्रों में विस्तार करने और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और प्राथमिक कृषि क्रेडिट सोसायटी स्तरों पर सहकारी ऋण संस्थानों को मजबूत करने पर केंद्रित होगी।
विचार-विमर्श वित्तीय समावेशन 2.0 विज़न के तहत भविष्य की कार्य योजना में योगदान देगा, जिसका उद्देश्य एसएचजी के लिए समय पर और पर्याप्त ऋण में सुधार करना, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को वित्तपोषण करना और ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करना है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) ने 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 93 लाख से अधिक एसएचजी और उनके संघों में संगठित किया है। बैंकों ने संचयी रूप से रुपये से अधिक का वितरण किया है। एसएचजी को 13.67 लाख करोड़ का ऋण।
संस्थागत ऋण प्रवाह ने महिलाओं के नेतृत्व वाले आजीविका उद्यमों को समर्थन दिया है, जिसमें 3.46 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी के रूप में उभरी हैं। बैठक में इन उद्यमों के लिए वित्त को मजबूत करने और टिकाऊ ग्रामीण व्यवसायों में उनके परिवर्तन का समर्थन करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
(केएनएन ब्यूरो)

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