
नई दिल्ली, 11 अगस्त (केएनएन) सरकार ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) की ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन (एसआईजीएचटी) मोड -2 बी योजना के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप के तहत चार रिफाइनरियों को 30 किलो टन प्रति वर्ष (केटीपीए) की कुल हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता प्रदान की है।
यह जानकारी केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में प्रस्तुत की।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को उसकी पानीपत रिफाइनरी में 10 केटीपीए क्षमता प्रदान की गई है, जबकि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड को क्रमशः बीना और विजाग में 5 केटीपीए क्षमता प्रदान की गई है। नुमालीगढ़ रिफाइनरीज लिमिटेड को नुमालीगढ़ रिफाइनरी में 10 केटीपीए क्षमता प्रदान की गई है।
परियोजनाओं को निजी डेवलपर्स द्वारा बिल्ड ओन ऑपरेट (बीओओ) मॉडल के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा, जिसमें संबंधित डेवलपर्स द्वारा परियोजना-विशिष्ट निवेश किया जाएगा।
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन और उसके डेरिवेटिव के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
सरकार को उम्मीद है कि रिफाइनिंग क्षेत्र में हरित हाइड्रोजन के घरेलू उत्पादन और उपयोग से आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और नेट-शून्य उद्देश्यों का समर्थन करने में मदद मिलेगी।
(केएनएन ब्यूरो)

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