
नई दिल्ली, 22 जुलाई (केएनएन) कपड़ा मंत्रालय ने टेक्निकल टेक्सटाइल्स (ग्रेट) योजना में एस्पायरिंग इनोवेटर्स के लिए अनुसंधान और उद्यमिता अनुदान के तहत 31 स्टार्ट-अप को मंजूरी दी है, जिसकी कुल परियोजना लागत 15.40 करोड़ रुपये है, जिसमें भारत सरकार के हिस्से के रूप में 13.65 करोड़ रुपये शामिल हैं।
कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। स्टार्ट-अप को आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मंजूरी दी गई है।
महाराष्ट्र में स्वीकृत स्टार्ट-अप परियोजनाओं की संख्या सबसे अधिक सात है, इसके बाद तमिलनाडु में छह, दिल्ली में पांच, गुजरात में चार और उत्तर प्रदेश में तीन हैं। कर्नाटक में दो स्वीकृत परियोजनाएं हैं, जबकि आंध्र प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड में एक-एक परियोजना है।
राष्ट्रीय तकनीकी कपड़ा मिशन (एनटीटीएम) के तहत कार्यान्वित ग्रेट योजना, तकनीकी कपड़ा क्षेत्र में वाणिज्यिक प्रौद्योगिकियों और उत्पादों को विकसित करने के लिए पात्र स्टार्ट-अप को 50 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
स्वीकृत परियोजनाओं में स्मार्ट टेक्सटाइल्स, उन्नत कार्यात्मक कपड़े, ऊर्जा-संचयन वस्त्र, स्वास्थ्य देखभाल पहनने योग्य, उच्च प्रदर्शन कंपोजिट, टिकाऊ सामग्री, बायोडिग्रेडेबल उत्पाद और मेडिकल टेक्सटाइल प्रौद्योगिकियों सहित क्षेत्र शामिल हैं।
सरकार ने निजी और सार्वजनिक संस्थानों के लिए तकनीकी वस्त्रों में शैक्षणिक संस्थानों को सक्षम करने के लिए सामान्य दिशानिर्देशों के माध्यम से एनटीटीएम के तहत शैक्षणिक संस्थानों को भी समर्थन दिया है।
इस पहल ने तकनीकी कपड़ा शिक्षा और अनुसंधान को मजबूत करने के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
एनटीटीएम तकनीकी वस्त्रों को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं, प्रदर्शनियां, सेमिनार और आउटरीच कार्यक्रम भी आयोजित करता है और शोधकर्ताओं और स्टार्ट-अप को उत्पादों का प्रदर्शन करने और उद्योग हितधारकों के साथ जुड़ने के लिए मंच प्रदान करता है।
ग्रेट योजना देश भर के पात्र स्टार्ट-अप के लिए खुली है, जिसमें पालनाडु और छिंदवाड़ा जिले भी शामिल हैं। योजना के तहत आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले से एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है, जबकि पालनाडु जिले से कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।
(केएनएन ब्यूरो)

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