नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (केएनएन) जीएसटी परिषद व्यवसायों को एक ही आवेदन के माध्यम से कई राज्यों में जीएसटी पंजीकरण के लिए आवेदन करने की अनुमति देने और उन दस्तावेजों को मानकीकृत करने पर विचार कर सकती है जो कर अधिकारी आवेदकों से मांग सकते हैं।
ये प्रस्ताव व्यवसायों के लिए जीएसटी पंजीकरण को सरल बनाने और व्यापार करने में आसानी में सुधार करने की एक व्यापक योजना का हिस्सा हैं। भारत में वर्तमान में 1.68 करोड़ से अधिक जीएसटी-पंजीकृत व्यवसाय हैं।
प्रस्तावित प्रणाली के तहत, व्यवसाय चरण-दर-चरण मार्गदर्शन और अपलोड करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट सूची के साथ पुन: डिज़ाइन किए गए पंजीकरण फॉर्म का उपयोग करेंगे। एक राज्य के लिए प्रस्तुत की गई जानकारी को अन्य राज्यों में पंजीकरण के लिए आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे व्यवसायों को एक साथ कई आवेदन दाखिल करने की अनुमति मिलेगी।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा कि जीएसटी प्रणाली आवेदन में दिए गए स्थान के आधार पर उचित क्षेत्राधिकार का निर्धारण करेगी।
मानकीकृत पंजीकरण प्रक्रिया
काउंसिल उन दिशानिर्देशों को भी मंजूरी दे सकती है, जिनमें यह बताया जाएगा कि कर अधिकारी कौन से दस्तावेज मांग सकते हैं, उन्हें मांगने का उद्देश्य क्या है और कब दस्तावेजों को पर्याप्त माना जाना चाहिए।
एक सूत्र ने कहा, “इससे जीएसटी पंजीकरण के लिए राज्यों में एकरूपता आएगी। एक राज्य में आवेदक से वही चीजें मांगी जाएंगी जो दूसरे राज्य में आवेदक से मांगी जाएंगी।”
प्रस्तावित परिवर्तन छोटे और कम जोखिम वाले व्यवसायों के लिए सितंबर 2025 में अनुमोदित सरलीकृत पंजीकरण योजना के पूरक होंगे। 1 नवंबर, 2025 से शुरू की गई यह योजना पात्र आवेदकों को तीन दिनों के भीतर जीएसटी पंजीकरण प्राप्त करने की अनुमति देती है।
जीएसटी डेटा विश्लेषण के माध्यम से छोटे और कम जोखिम वाले व्यवसायों की पहचान की गई है, या जो सीजीएसटी और एसजीएसटी/यूटीजीएसटी सहित ₹2.5 लाख तक की अपनी मासिक आउटपुट कर देनदारी का स्व-मूल्यांकन कर रहे हैं, वे इस योजना का विकल्प चुन सकते हैं।
यह योजना 1.68 करोड़ जीएसटी पंजीकरणों में से लगभग 61 प्रतिशत को कवर करती है। सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित बदलाव मुख्य रूप से शेष व्यवसायों को कवर करेंगे।
पंजीकरण परिवर्तन के लिए स्वचालित अनुमोदन
परिषद प्रमुख जीएसटी पंजीकरण विवरणों में बदलावों को सुव्यवस्थित करने और स्वचालित अनुमोदन प्रदान करने पर भी विचार कर सकती है।
जीएसटी बैकएंड विश्लेषण से पता चलता है कि पंजीकरण संशोधन के लिए लगभग 66 प्रतिशत आवेदन कंपनी के नाम, निदेशक, भागीदार या ‘कर्ता’ और व्यवसाय के अतिरिक्त स्थान के पते में बदलाव से संबंधित हैं।
पंजीकरण दस्तावेजों में बदलाव के लिए लगभग 16 लाख वार्षिक आवेदनों में से लगभग 10.5 लाख इन क्षेत्रों से संबंधित हैं।
केवल व्यवसाय के मुख्य स्थान में बदलाव के लिए संबंधित कर अधिकारी से अनुमोदन की आवश्यकता होगी।
हालाँकि, जिन व्यवसायों ने तीन-दिवसीय स्वचालित मार्ग के माध्यम से जीएसटी पंजीकरण प्राप्त किया है, ऐसे अनुरोध भी स्वचालित अनुमोदन के लिए पात्र होंगे।
(केएनएन ब्यूरो)

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