नई दिल्ली, 3 सितंबर (केएनएन) आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल ने करदाताओं के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार और कथित कदाचार की रिपोर्ट करने के लिए एक समर्पित तंत्र शुरू किया है।
यह सुविधा शिकायतकर्ताओं को घटना के विवरण के साथ-साथ संबंधित अधिकारी के नाम और पदनाम सहित विवरण प्रदान करने की अनुमति देती है।
शिकायतें ऑनलाइन दर्ज की जा सकती हैं
शिकायत तंत्र में भ्रष्टाचार, दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न जैसी श्रेणियां शामिल हैं, जो करदाताओं को कर अधिकारियों द्वारा अनुचित आचरण की रिपोर्ट करने के लिए एक संरचित चैनल प्रदान करती हैं।
करदाता ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायतें जमा कर सकते हैं
पंजीकृत करदाता आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करके और शिकायतों पर नेविगेट करके सुविधा तक पहुंच सकते हैं। वे संबंधित विभाग, श्रेणी और उपश्रेणी का चयन कर सकते हैं, आवश्यक विवरण प्रदान कर सकते हैं और शिकायत जमा कर सकते हैं।
पोर्टल बिना पैन या टैन वाले व्यक्तियों के लिए प्री-लॉगिन शिकायत सुविधा भी प्रदान करता है। ऐसे शिकायतकर्ता अपना नाम, ईमेल पता और मोबाइल नंबर प्रदान कर सकते हैं, ओटीपी सत्यापन पूरा कर सकते हैं और अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत की स्थिति को ट्रैक किया जा सकता है
पोर्टल की सहायता सामग्री के अनुसार, शिकायतें आम तौर पर ई-फाइलिंग प्रणाली, मूल्यांकन अधिकारी, सीपीसी-आईटीआर और सीपीसी-टीडीएस से संबंधित हो सकती हैं।
केवल शिकायत प्रस्तुत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन की आवश्यकता नहीं है। प्री-लॉगिन और पोस्ट-लॉगिन दोनों तरीकों से दर्ज की गई शिकायतों को पावती विवरण का उपयोग करके ट्रैक किया जा सकता है।
जीएसटी पोर्टल पर समान तंत्र की मांग
यह कदम जीएसटी पोर्टल पर एक समान सुविधा शुरू करने की मांग को भी मजबूत कर सकता है, जहां व्यवसाय नियमित रूप से पंजीकरण, जांच, ऑडिट, निरीक्षण, जांच, रिफंड और वसूली कार्यवाही पर अधिकारियों के साथ बातचीत करते हैं।
(केएनएन ब्यूरो)

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