नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (केएनएन) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकृत कारीगरों ने 26-27 अक्टूबर को संसद भवन परिसर में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान आयोजित सांस्कृतिक बाजार में पारंपरिक शिल्प का प्रदर्शन किया।
Eight artisans from Jharkhand, Madhya Pradesh, Maharashtra, Karnataka, Bihar, Rajasthan, Jammu and Kashmir, and Nagaland participated in the event. Their products included Dokra metalwork, stone sculptures, Kolhapuri chappals, traditional toys, lac bangles, garments and crochet dolls.
भाग लेने वाले कारीगर झारखंड के मकबुल जादू पतिया, एक डोकरा कारीगर थे; मध्य प्रदेश से अनुराग साहू और बिहार से धीरज कुमार, दोनों पत्थर मूर्तिकार; महाराष्ट्र के बाजीराव शामराव सातपुते, एक मोची; कर्नाटक से दीपू एस, एक गुड़िया और खिलौना निर्माता; राजस्थान के मोहम्मद नसीम, एक सुनार; जम्मू-कश्मीर के मसरत फ़याज़, एक दर्जी; और नागालैंड की थ्रोंगली संगतम, एक गुड़िया और खिलौना निर्माता।
कार्यक्रम के दौरान चयनित कारीगरों ने अपनी शिल्प-निर्माण तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया।
मंत्रालय ने कहा कि कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत समर्थन मिला है, जिसमें कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट और ऋण सहायता शामिल है। कुछ को Amazon, Flipkart और Meesho जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी शामिल किया गया था।
(केएनएन ब्यूरो)

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