
नई दिल्ली, 24 जुलाई (केएनएन) 14 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राज्य निगरानी समिति और जिला कार्यान्वयन समितियों के गठन के बाद एमएसएमई मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना को लागू करना शुरू कर दिया है।
यह जानकारी केंद्रीय एमएसएमई राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में प्रदान की।
बढ़ईगीरी, मिट्टी के बर्तन, सुनार, सिलाई, चिनाई और मछली पकड़ने के जाल बनाने सहित 18 पारंपरिक व्यवसायों में लगे कारीगरों और शिल्पकारों को शुरू से अंत तक सहायता प्रदान करने के लिए 17 सितंबर, 2023 को पीएम विश्वकर्मा की शुरुआत की गई थी।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत, 8 अप्रैल, 2015 से 26 जून, 2026 तक पश्चिम बंगाल में 3.55 लाख करोड़ रुपये के 5.82 करोड़ ऋण वितरित किए गए हैं।
मंत्रालय ने यह भी कहा है कि एमएसएमई इनोवेटिव स्कीम के इनक्यूबेशन कंपोनेंट के तहत पश्चिम बंगाल में 23 मेजबान संस्थान काम कर रहे हैं। प्रत्येक स्वीकृत विचार 15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता के लिए पात्र है।
सुंदरबन स्थित महिला उद्यमियों सहित, उद्यम पंजीकरण, एमएसई के लिए सार्वजनिक खरीद नीति, सीजीटीएमएसई, पीएमईजीपी, पीएम विश्वकर्मा, खरीद और विपणन सहायता योजना और यशस्विनी अभियान सहित विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता के लिए पात्र हैं।
(केएनएन ब्यूरो)

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