नई दिल्ली, 3 नवंबर (केएनएन) प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।
मोदी ने कहा कि 2024 में आरई-इन्वेस्ट शिखर सम्मेलन के बाद से इस क्षेत्र ने दो वर्षों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है, जिससे पिछले आठ वर्षों में संचयी निवेश 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। बैटरी स्टोरेज में निवेश बढ़ाने का आह्वान करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा, “देश को हार्डवेयर की आवश्यकता है। हमें भंडारण सुविधाओं की आवश्यकता है। हमें बैटरी भंडारण के लिए नई क्षमता बनानी होगी।”
उन्होंने घरेलू ऊर्जा लागत को कम करने के लिए अक्षय ऊर्जा को इलेक्ट्रिक गतिशीलता के साथ जोड़ने का भी आह्वान किया, जिसमें इलेक्ट्रिक स्कूटर, मोटरसाइकिल और कारों के लिए सौर ऊर्जा से संचालित चार्जिंग भी शामिल है।
भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन-आधारित स्थापित क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है और पहले ही 300 गीगावॉट को पार कर चुका है।
(केएनएन ब्यूरो)

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