नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (केएनएन) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को घरेलू इस्पात उत्पादकों से डीकार्बोनाइजेशन में तेजी लाने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए विशेष इस्पात उत्पादन बढ़ाने का आग्रह किया।
वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन की आम सभा को संबोधित करते हुए, सीतारमण ने विशेष इस्पात के लिए सरकार की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना पर प्रकाश डाला, जिसमें घरेलू विनिर्माण, निवेश और प्रौद्योगिकी उन्नयन को प्रोत्साहित करने के लिए 6,300 करोड़ रुपये का स्वीकृत परिव्यय है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि भारत का इस्पात उद्योग वैश्विक क्षेत्र से अलग विकास पथ का अनुसरण कर रहा है, जो अतिरिक्त क्षमता और कमजोर मांग का सामना कर रहा है, जिसे घरेलू खपत और निरंतर निवेश का समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि लगातार दो वर्षों से, भारत की इस्पात खपत उत्पादन से अधिक हो गई है, जो घरेलू मांग की ताकत और आगे की वृद्धि की गुंजाइश को उजागर करती है।
सीतारमण ने कहा कि भारत की प्रति व्यक्ति इस्पात खपत लगभग 109 किलोग्राम है, जबकि वैश्विक औसत 209 किलोग्राम है, जो मांग विस्तार की महत्वपूर्ण क्षमता का संकेत देता है।
(केएनएन ब्यूरो)

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