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पश्चिम एशिया पर UN की युद्धविराम अपील, WTO बैठक शुरू
ईरान

पश्चिम एशिया पर UN की युद्धविराम अपील, WTO बैठक शुरू

जग वाणी | अंतरराष्ट्रीय समाचार संयुक्त राष्ट्र/कैमरून: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, और इस बीच वैश्विक स्तर पर शांति और आर्थिक स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ गई है। Antonio Guterres ने तत्काल युद्धविराम की अपील करते हुए सभी पक्षों से कूटनीति की राह पर लौटने का आग्रह किया है। वहीं, World Trade Organization की 14वीं मंत्रिस्तरीय बैठक कैमरून में शुरू हो गई है, जहां वैश्विक व्यापार सुधारों पर चर्चा हो रही है। युद्धविराम की अपील, कूटनीति पर जोर संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि मौजूदा संघर्ष न केवल क्षेत्रीय, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए खतरा बनता जा रहा है। तुरंत संघर्ष विराम की मांग मानवीय सहायता के लिए सुरक्षित रास्ते खोलने की अपील सभी पक्षों से बातचीत की मेज पर लौटने का आग्रह उन्होंने चेतावनी दी कि संघर्ष जितना लंबा चलेगा, उसके...
ईरान IRGC नौसेना प्रमुख Alireza Tangsiri की मौत, इज़रायल-हिज़्बुल्लाह टकराव तेज़
इज़राइल, ईरान

ईरान IRGC नौसेना प्रमुख Alireza Tangsiri की मौत, इज़रायल-हिज़्बुल्लाह टकराव तेज़

Image Credit: Tasnim News   जग वाणी | अंतरराष्ट्रीय समाचार तेहरान/तेल अवीव/बेरूत: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच तनाव और गहरा गया है। इज़रायल ने दावा किया है कि उसने ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की नौसेना के प्रमुख Alireza Tangsiri को एक सटीक हमले में मार गिराया है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में जमीनी और हवाई संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। ईरान की नौसेना को बड़ा झटका इजरायली सेना के अनुसार, यह हमला ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र में किया गया, जहां शीर्ष सैन्य अधिकारी मौजूद थे। हमले में कई वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए टांगसिरी को होर्मुज़ जलडमरूमध्य की रणनीति का प्रमुख चेहरा माना जाता था अमेरिका ने भी उनकी मौत की पुष्टि की है विशेषज्ञ इसे ईरान की समुद्री क्षमता और कमांड ढांचे पर बड़ा आघात मान रहे हैं। मिसाइल और ड्रोन हमले जारी ...
होर्मुज़ पर तनाव: दक्षिण एशिया अब तमाशबीन नहीं रह सकता
विश्लेषण, संपादकीय

होर्मुज़ पर तनाव: दक्षिण एशिया अब तमाशबीन नहीं रह सकता

होर्मुज़ पर तनाव: दक्षिण एशिया अब चुप नहीं रह सकता अगर होर्मुज़ में संकट गहराता है, तो उसका असर केवल खाड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। तेल, व्यापार, महँगाई और आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर इसका सीधा असर दक्षिण एशिया को भी झेलना पड़ेगा। ऐसे समय में ग्लोबल साउथ की कूटनीति कोई आदर्शवादी बात नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक ज़रूरत है। पश्चिम एशिया का युद्ध अगर समुद्र तक पहुँचा, तो उसकी लहरें दक्षिण एशिया की जेब तक आएँगी। पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव अब केवल उस क्षेत्र की सीमाओं में बंद संकट नहीं रह गया है। अगर हालात और बिगड़ते हैं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ तक अस्थिरता फैलती है, तो उसका असर सीधे दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ेगा। तेल के दाम, व्यापारिक आवाजाही, शिपिंग लागत और महँगाई — सब इस संकट से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे...