QECS Scholarship 2026: भारतीय छात्रों के लिए विदेश में Free Masters का मौका, पूरी फीस और फ्लाइट खर्च शामिल

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क्वीन एलिजाबेथ कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप 2026 के लिए आवेदन शुरू। भारतीय छात्रों को विदेश में फुली-फंडेड मास्टर्स करने का मौका मिलेगा। जानिए पात्रता, कोर्स, यूनिवर्सिटी और आवेदन प्रक्रिया।


भारतीय छात्रों के लिए सुनहरा मौका: विदेश में फ्री में मास्टर्स करने का अवसर

क्वीन एलिजाबेथ कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप के लिए आवेदन शुरू


नई दिल्ली, 18 मई (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए बड़ी राहत और अवसर की खबर है। Association of Commonwealth Universities की ओर से दी जाने वाली Queen Elizabeth Commonwealth Scholarships (QECS) के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह स्कॉलरशिप पूरी तरह फुली-फंडेड है, यानी चयनित छात्रों को ट्यूशन फीस से लेकर रहने, खाने और यात्रा तक का खर्च दिया जाएगा।

यह स्कॉलरशिप कॉमनवेल्थ देशों के छात्रों को दूसरे कॉमनवेल्थ देशों में मास्टर्स डिग्री हासिल करने का मौका देती है। भारतीय छात्र भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं क्योंकि भारत कॉमनवेल्थ समूह का सदस्य देश है। आवेदन की अंतिम तारीख 3 जून 2026 तय की गई है।

क्या है QECS स्कॉलरशिप?

QECS स्कॉलरशिप 2 साल के मास्टर्स प्रोग्राम के लिए दी जाती है। इसका उद्देश्य कम और मध्यम आय वाले कॉमनवेल्थ देशों के छात्रों को बेहतर शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत चयनित छात्रों को प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिलेगा।

स्कॉलरशिप में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों को कई तरह की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे उन्हें पढ़ाई के दौरान वित्तीय दबाव का सामना न करना पड़े।

  • 2 साल की पूरी ट्यूशन फीस माफ
  • रहने और खाने के लिए मासिक स्टाइपेंड
  • आने-जाने के लिए फ्लाइट टिकट
  • नए देश में शुरुआती खर्च के लिए अराइवल अलाउंस
  • रिसर्च आधारित कोर्स के लिए अतिरिक्त रिसर्च सपोर्ट ग्रांट

इस वजह से यह स्कॉलरशिप आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों के लिए काफी उपयोगी मानी जा रही है।

किन देशों और विश्वविद्यालयों में मिलेगा मौका?

इस वर्ष QECS स्कॉलरशिप के तहत दो देशों के विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है — Papua New Guinea और South Africa

पापुआ न्यू गिनी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में उपलब्ध कोर्स

Papua New Guinea University of Technology में निम्नलिखित कोर्स शामिल हैं:

  • मास्टर ऑफ साइंस इन क्लाइमेट चेंज एंड रिन्यूएबल एनर्जी एक्सेस
  • मास्टर ऑफ साइंस इन अप्लाइड फिजिक्स
  • मास्टर ऑफ साइंस इन एग्रीकल्चर
  • मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग इन कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग

दक्षिण अफ्रीका की यूनिवर्सिटियों में उपलब्ध कोर्स

Stellenbosch University में:

  • मास्टर ऑफ साइंस इन मशीन लर्निंग एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

Tshwane University of Technology में:

  • मास्टर ऑफ कंप्यूटिंग इन कंप्यूटर साइंस

तकनीक, इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए यह अवसर खास माना जा रहा है।

कौन कर सकता है आवेदन?

QECS स्कॉलरशिप के लिए वही छात्र आवेदन कर सकते हैं जो किसी कॉमनवेल्थ देश के नागरिक हों। भारतीय छात्र इसके लिए पात्र हैं।

इसके अलावा आवेदक के पास अच्छे शैक्षणिक अंक होना जरूरी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उम्मीदवार के ग्रेजुएशन में न्यूनतम “2:1” यानी अपर सेकेंड क्लास ऑनर्स होना चाहिए। भारतीय शिक्षा प्रणाली में इसे सामान्य तौर पर फर्स्ट क्लास अंकों के बराबर माना जाता है।

आवेदन प्रक्रिया कैसे पूरी करें?

आवेदन करने के लिए छात्रों को निम्नलिखित चरण पूरे करने होंगे:

  1. QECS की आधिकारिक वेबसाइट (https://www.acu.ac.uk/funding-opportunities/for-students/scholarships/queen-elizabeth-commonwealth-scholarships/) पर जाकर उपलब्ध देशों और कोर्स की सूची देखें।
  2. संबंधित विश्वविद्यालय और कोर्स की पूरी जानकारी पढ़ें।
  3. “Apply Now” विकल्प पर क्लिक करके QECS आवेदन फॉर्म भरें।
  4. जरूरत पड़ने पर myACU अकाउंट बनाएं।
  5. स्कॉलरशिप आवेदन के साथ-साथ संबंधित विश्वविद्यालय में अलग से एडमिशन के लिए भी आवेदन करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र आवेदन करने से पहले विश्वविद्यालय की पात्रता शर्तों और दस्तावेजों की सूची ध्यान से पढ़ लें।

क्यों महत्वपूर्ण है यह स्कॉलरशिप?

हाल के वर्षों में विदेश में पढ़ाई का खर्च तेजी से बढ़ा है। ऐसे में पूरी तरह फंडेड स्कॉलरशिप भारतीय छात्रों के लिए बड़ा सहारा बन रही हैं। खासकर उन छात्रों के लिए जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंजीनियरिंग, क्लाइमेट साइंस और कंप्यूटर साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप छात्रों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि वैश्विक अनुभव और रिसर्च नेटवर्क भी उपलब्ध कराती हैं।


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