Tag: मानवाधिकार

ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन बिल लोकसभा में पास, विवाद बढ़ा
देश, सोसाइटी

ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन बिल लोकसभा में पास, विवाद बढ़ा

जग वाणी | राष्ट्रीय समाचार नई दिल्ली: संसद में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों से जुड़े कानून में संशोधन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Bill को लोकसभा में ध्वनिमत (voice vote) से पारित कर दिया गया, जिसके बाद देशभर में बहस और विरोध तेज हो गया है। लोकसभा में ध्वनिमत से पारित सरकार ने इस संशोधन विधेयक को आवश्यक सुधार बताते हुए लोकसभा में पेश किया, जहां इसे ध्वनिमत से मंजूरी मिल गई। विपक्ष के कुछ सांसदों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए और विस्तृत चर्चा की मांग की, लेकिन अंततः बिल पारित हो गया। अधिकारों और परिभाषाओं पर विवाद विधेयक में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की परिभाषा, पहचान और अधिकारों से जुड़े कुछ प्रावधानों में बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। आलोचकों का कहना है कि: नई परिभाषाएं समुदाय की स्व-पहचान (self-identificatio...
सामाजिक मुद्दे

नागरिक समाज (Civil Society) क्या है? परिभाषा, महत्व और भूमिका | Full Guide

नागरिक समाज (Civil Society) आज के लोकतांत्रिक और समावेशी समाज की वह मजबूत कड़ी है जो न केवल सरकार और बाजार के बीच संतुलन कायम रखता है, बल्कि सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और जनभागीदारी को भी सशक्त बनाता है। यह सामाजिक संगठनों, जन आंदोलनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जागरूक नागरिकों का वह समूह है जो सार्वजनिक हित के लिए सक्रिय रूप से कार्य करता है। नागरिक समाज की परिभाषा और संरचना नागरिक समाज वह क्षेत्र है जहां नागरिक स्वेच्छा से संगठित होकर सामाजिक मुद्दों को हल करने और जनहित में भाग लेने के लिए एकजुट होते हैं। इसके प्रमुख घटक हैं: गैर-सरकारी संगठन (NGOs): सामाजिक सेवा, मानवाधिकार, पर्यावरण आदि पर कार्यरत संस्थाएं। सामुदायिक संगठन: मोहल्ला समितियाँ, महिला मंडल, युवा क्लब आदि। धार्मिक संस्थाएँ: जब ये समाज सेवा या शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करती हैं। श्रमिक संघ और पेशेवर संगठन: जो कार्यस्थलों पर अधि...