Tag: आत्मनिर्भर भारत

ECMS योजना को MSMEs से जबरदस्त समर्थन: अश्विनी वैष्णव
अर्थ जगत

ECMS योजना को MSMEs से जबरदस्त समर्थन: अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली, 19 मई (केएनएन): केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि सरकार को 23,000 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना (ECMS योजना) के अंतर्गत अब तक 70 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) वर्ग से हैं। ये आवेदन मात्र 15 दिनों के भीतर, 1 मई को आवेदन विंडो खुलने के पश्चात् प्राप्त हुए हैं। वैष्णव ने यह रेखांकित किया कि लगभग 80 प्रतिशत आवेदन छोटे और मंझोले उद्यमों से प्राप्त हुए हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि यह योजना केवल बड़े निर्माताओं तक सीमित न रहकर व्यापक उद्योग जगत को आकर्षित कर रही है। 22,805 करोड़ रुपये की यह योजना इलेक्ट्रॉनिक घटकों के क्षेत्र में मांग और आपूर्ति के बीच व्याप्त बड़े अंतर को कम करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है। इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Elcina) के अनुसार, यदि सरकार ...
भारत में कोयला आयात (Coal Import) में 9.2% की गिरावट, USD 6.93 अरब की विदेशी मुद्रा बचत: कोयला मंत्रालय
अर्थ जगत

भारत में कोयला आयात (Coal Import) में 9.2% की गिरावट, USD 6.93 अरब की विदेशी मुद्रा बचत: कोयला मंत्रालय

भारत में कोयला आयात (Coal Import) में 9.2% की गिरावट से USD 6.93 अरब की विदेशी मुद्रा बचत हुई। कोयला मंत्रालय की रिपोर्ट में घरेलू उत्पादन में वृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति की पुष्टि। नई दिल्ली, 14 मई (KNN): कोयला मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 की अवधि में भारत के कोयला आयात (Coal Import) में 9.2% की गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान कोयला आयात घटकर 220.3 मिलियन टन (MT) रहा, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 242.6 मिलियन टन था। इस गिरावट के कारण भारत को लगभग USD 6.93 अरब (₹53,137.82 करोड़) की विदेशी मुद्रा बचत हुई है। गैर-विनियमित क्षेत्रों में आयात (Coal Import) में सबसे बड़ी गिरावट रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरावट विशेष रूप से गैर-विनियमित क्षेत्र (जहां बिजली उत्पादन शामिल नहीं है) में देखने को मिली, जहाँ कोयला आय...
स्वरोज़गार क्या है? जानिए इसके फायदे, चुनौतियाँ और सफल होने के तरीके
स्वरोजगार

स्वरोज़गार क्या है? जानिए इसके फायदे, चुनौतियाँ और सफल होने के तरीके

जानिए स्वरोज़गार क्या है, इसके फायदे और चुनौतियाँ क्या हैं, तथा अपना व्यवसाय शुरू करने के जरूरी कदम और सफलता के तरीके। स्वरोज़गार क्या है? फायदे, नुकसान और बिजनेस शुरू करने की पूरी जानकारी आज के समय में स्वरोज़गार केवल रोज़गार का विकल्प नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का एक मजबूत माध्यम बन चुका है। जब पारंपरिक नौकरियों में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, तब बड़ी संख्या में युवा अपना काम शुरू करने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। स्वरोज़गार का मतलब है किसी कंपनी या संस्था के लिए नौकरी करने के बजाय खुद का व्यवसाय या सेवा चलाना और अपने काम के स्वयं मालिक बनना। फ्रीलांसिंग, ऑनलाइन बिजनेस, डिजिटल कंटेंट क्रिएशन, दुकान, स्टार्टअप, कॉन्ट्रैक्टिंग या घरेलू उद्योग — ये सभी स्वरोज़गार के अलग-अलग रूप हैं। इसमें व्यक्ति अपनी योग्यता, रुचि और कौशल के आधार पर काम करता है। स्वरोज़गार के प्रमुख फायदे क...