
नई दिल्ली, 25 जुलाई (केएनएन) भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में अपनी आठवीं व्यापार नीति समीक्षा (टीपीआर) संपन्न की है, जिसमें सदस्य देशों ने उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं, गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) और टैरिफ नीतियों सहित इसके व्यापार ढांचे पर कई तरह के सवाल उठाए हैं।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, 21 और 23 जुलाई को आयोजित समीक्षा सत्र में 68 डब्ल्यूटीओ सदस्यों ने भाग लिया। भारत को 44 सदस्यों से 1,094 लिखित प्रश्न प्राप्त हुए, जो इसकी व्यापार और निवेश नीतियों में महत्वपूर्ण वैश्विक रुचि को दर्शाते हैं।
सवालों के जवाब में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की व्यापार नीतियां विकास की जरूरतों को पूरा करते हुए डब्ल्यूटीओ नियमों के अनुरूप हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि शुल्क छोटे और कम आय वाले किसानों की रक्षा करते हैं, जबकि औद्योगिक शुल्क का उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना, विविधीकरण को बढ़ावा देना और घरेलू विनिर्माण का समर्थन करना है। एएनआई ने बताया कि स्वच्छता और पादप स्वच्छता उपायों, तकनीकी नियमों और व्यापार उपचारों पर, उन्होंने पारदर्शिता और उचित प्रक्रिया के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि क्यूसीओ वैध सार्वजनिक नीति उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं, जबकि व्यापार उपाय जांच वस्तुनिष्ठ साक्ष्य, न्यायिक निरीक्षण और पारदर्शी प्रक्रियाओं के आधार पर की जाती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे उपायों का समग्र उपयोग सीमित है, भारत ने एंटी-डंपिंग मामलों में कम शुल्क नियम लागू करना जारी रखा है।
(केएनएन ब्यूरो)

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