आगरा चौपाटी जिप लाइन हादसा: 45 फीट नीचे गिरने से 16 वर्षीय कुनाल की मौत, सुरक्षा पर सवाल

Agra-Zipline-accident आगरा चौपाटी जिप लाइन हादसा: 45 फीट नीचे गिरने से 16 वर्षीय कुनाल की मौत, सुरक्षा पर सवाल

आगरा के ताजनगरी फेज-2 चौपाटी में जिप लाइन का लॉक टूटने से 16 वर्षीय किशोर कुनाल की मौत हो गई। पुलिस ने संचालक और मैनेजर को हिरासत में लिया है।


आगरा चौपाटी में जिप लाइन हादसा: 45 फीट नीचे गिरने से 16 वर्षीय किशोर की मौत, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

ताजनगरी फेज-2 की चौपाटी में बड़ा हादसा, पुली का लॉक टूटने से गई जान; संचालक और मैनेजर हिरासत में

आगरा, 26 मई — जग वाणी न्यूज़ डेस्क

आगरा के ताजनगरी फेज-2 स्थित चौपाटी में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। जिप लाइन राइड के दौरान पुली का लॉक टूटने से किशोर करीब 45 फीट नीचे गिर गया। गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल ले जाते समय उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने जिप लाइन के संचालक और मैनेजर को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

परिवार के सामने हुआ हादसा

मृतक किशोर की पहचान फिरोजाबाद के गांधी नगर निवासी कुनाल अग्रवाल के रूप में हुई है। उसके पिता पंकज अग्रवाल चूड़ी व्यापारी हैं। परिवार रविवार को घूमने के लिए आगरा आया था। उनके साथ पत्नी रिंकी और छोटा बेटा भी मौजूद था।

परिवार ताजगंज स्थित चौपाटी पहुंचा, जहां बच्चों ने मनोरंजन गतिविधियों में हिस्सा लेने की इच्छा जताई। इसी दौरान कुनाल ने जिप लाइन राइड करने की जिद की। माता-पिता की अनुमति के बाद उसे जिप लाइन पर भेजा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राइड शुरू होने के कुछ ही सेकंड बाद जिप लाइन की पुली का लॉक अचानक टूट गया। कुनाल लगभग 10 मीटर आगे बढ़ा ही था कि वह सीधे नीचे जा गिरा। राइड की ऊंचाई करीब 45 फीट बताई जा रही है।

मौके पर मचा हड़कंप

हादसे के तुरंत बाद चौपाटी परिसर में अफरातफरी फैल गई। घायल किशोर को परिवार और मौजूद लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद मां रिंकी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जबकि पिता पंकज अग्रवाल सदमे में बेसुध हो गए। वहां मौजूद लोगों ने परिवार को संभालने की कोशिश की।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में हादसे की वजह पुली लॉक का टूटना सामने आया है। एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव ने बताया कि जिप लाइन का संचालन तत्काल बंद करा दिया गया है। संचालक और मैनेजर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने यह भी कहा कि परिवार की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। घटना स्थल पर तकनीकी जांच भी कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा उपकरण की खराबी से हुआ या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण।

सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल

इस हादसे के बाद चौपाटी में संचालित एडवेंचर गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मनोरंजन गतिविधियों के नाम पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है।

लोगों का कहना है कि जिप लाइन जैसी जोखिम भरी गतिविधियों में सुरक्षा हार्नेस, लॉकिंग सिस्टम, हेलमेट और सुरक्षा जाल जैसे बुनियादी इंतजामों की नियमित जांच होनी चाहिए थी। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या उपकरणों का समय-समय पर फिटनेस परीक्षण कराया जा रहा था या नहीं।

एक हफ्ते में दूसरा बड़ा हादसा

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब एक सप्ताह पहले ही शहर के एक वाटर पार्क में आठ वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत हुई थी। लगातार हो रही घटनाओं के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बड़े मनोरंजन केंद्रों में भीड़ और कमाई पर तो ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक निगरानी केवल लाइसेंस और किराया वसूली तक सीमित रह गई है।

क्या है जिप लाइन और कितनी जरूरी है सुरक्षा

जिप लाइन एक एडवेंचर गतिविधि है, जिसमें व्यक्ति को स्टील के मजबूत तार से हार्नेस और पुली की मदद से ऊंचाई से नीचे की ओर सरकाया जाता है। यह गतिविधि पर्यटक स्थलों पर काफी लोकप्रिय है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की राइड में निम्न सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी होता है—

  • हार्नेस और लॉकिंग सिस्टम की जांच
  • पुली और केबल की तकनीकी फिटनेस
  • हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल
  • प्रशिक्षित स्टाफ की निगरानी
  • वजन और उम्र सीमा का पालन
  • नियमित सुरक्षा ऑडिट

यदि इनमें से किसी एक स्तर पर भी लापरवाही होती है, तो बड़ा हादसा हो सकता है।

एडीए की भूमिका पर भी उठे सवाल

ताजनगरी फेज-2 स्थित जोनल पार्क, जिसे आमतौर पर आगरा चौपाटी कहा जाता है, को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां फूड कोर्ट, झूले और एडवेंचर गतिविधियां संचालित होती हैं।

लोगों का आरोप है कि परियोजना की मूल संचालन संस्था आगरा विकास प्राधिकरण सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या एडवेंचर गतिविधियों के लिए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हो रहा था या नहीं।

तकनीकी लापरवाही या प्रशासनिक विफलता?

अब जांच का केंद्र यह है कि हादसा तकनीकी खराबी का परिणाम था या फिर यह पूरी तरह मानवीय लापरवाही का मामला है। यदि उपकरण खराब थे, तो उनकी समय पर जांच क्यों नहीं हुई। वहीं यदि सुरक्षा मानक पूरे नहीं थे, तो संचालन की अनुमति कैसे दी गई।

इस घटना ने आगरा चौपाटी की चमक-दमक के पीछे छिपी सुरक्षा खामियों को उजागर कर दिया है। एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया और अब जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई है।


Jag Vani: प्रिय पाठकों, हिंदी में ताज़ा ख़बरों की हर अपडेट पाने के लिए जगवाणी के फ़ेस बुक पेज से जुड़ें। जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें: jagvaninews



Discover more from जग वाणी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *