दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के 3 विमान क्षतिग्रस्त, आंधी-बारिश के बाद सुरक्षा पर उठे सवाल

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दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर तेज आंधी और बारिश के दौरान एयर इंडिया के तीन विमान क्षतिग्रस्त हो गए। ग्राउंड सपोर्ट उपकरण विमानों से टकराने के बाद सुरक्षा और मौसम चेतावनी प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।


दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के 3 विमान क्षतिग्रस्त, सुरक्षा और मौसम चेतावनी प्रणाली पर उठे सवाल

तेज आंधी-बारिश के दौरान ग्राउंड सपोर्ट उपकरण विमानों से टकराए, एक विमान को हुआ अधिक नुकसान


नई दिल्ली, 8 जून (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर खराब मौसम के कारण एयर इंडिया के तीन विमान क्षतिग्रस्त हो गए। शनिवार शाम अचानक आई तेज आंधी और बारिश के दौरान टर्मिनल-2 पर खड़े ग्राउंड सपोर्ट उपकरण अपनी जगह से खिसककर विमानों से टकरा गए। घटना के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और मौसम पूर्व चेतावनी प्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, 7 जून की शाम करीब 4:40 बजे तेज हवाओं के साथ मौसम अचानक बिगड़ गया। इसी दौरान एक स्टेप लैडर और एक ट्रेस्टल (ग्राउंड सपोर्ट संरचना) तेज हवा के कारण अपनी निर्धारित जगह से हट गए और एयर इंडिया के तीन विमानों से जा टकराए। टक्कर के बाद प्रभावित विमानों को तत्काल जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया।

एक विमान को ज्यादा नुकसान

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक तीनों विमानों में से एक विमान को अपेक्षाकृत अधिक नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी मरम्मत में कुछ दिन लग सकते हैं। वहीं बाकी दो विमानों की जांच पूरी होने के बाद उन्हें इसी सप्ताह दोबारा उड़ान सेवा में शामिल किया जा सकता है।

हालांकि एयर इंडिया और एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से नुकसान की सटीक प्रकृति और लागत को लेकर अभी कोई आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है।

मौसम चेतावनी को लेकर उठे प्रश्न

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या एयरपोर्ट प्रशासन को खराब मौसम की पर्याप्त और समय पर जानकारी नहीं मिली थी। आमतौर पर तेज आंधी, तूफान या खराब मौसम की स्थिति में एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरती जाती है और ग्राउंड उपकरणों को अतिरिक्त सुरक्षा के साथ बांधा या सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम की चेतावनी पहले से उपलब्ध थी, तो यह जांच का विषय है कि सुरक्षा उपाय पर्याप्त क्यों नहीं थे। वहीं यदि मौसम में बदलाव अचानक हुआ, तो एयरपोर्ट की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की भी समीक्षा की जा सकती है।

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

एयरपोर्ट परिसर में उपयोग होने वाले उपकरण जैसे स्टेप लैडर, ट्रेस्टल, बैगेज कार्ट और अन्य ग्राउंड हैंडलिंग संसाधनों को सामान्यतः इस तरह सुरक्षित रखा जाता है कि वे तेज हवाओं या प्रतिकूल मौसम में भी अपनी जगह से न हटें।

लेकिन इस घटना ने ग्राउंड हैंडलिंग प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। विमानन क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि ऐसे उपकरणों का विमानों से टकराना दुर्लभ माना जाता है और इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है।

एयरपोर्ट प्रशासन ने घटना की समीक्षा शुरू कर दी है। जांच में यह देखा जाएगा कि उपकरण कैसे खिसके, सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता है।

हाल के महीनों में भी सामने आए थे ऐसे मामले

यह पहला अवसर नहीं है जब एयर इंडिया के विमानों को असामान्य परिस्थितियों में नुकसान पहुंचा हो। इसी वर्ष जनवरी में एयर इंडिया के एक नए एयरबस विमान को उस समय क्षति पहुंची थी जब घने कोहरे के बीच टैक्सी करते समय उसके इंजन में एक असुरक्षित बैगेज कंटेनर चला गया था।

विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि हाल की घटनाएं ग्राउंड ऑपरेशन और सुरक्षा प्रक्रियाओं की नियमित समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। हालांकि इन घटनाओं का आपस में सीधा संबंध नहीं है, लेकिन दोनों मामलों में ग्राउंड स्तर की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा का विषय बनी रही।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल तीनों विमानों की तकनीकी जांच जारी है और एयरपोर्ट प्रशासन ने घटना के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा केवल अचानक बदले मौसम का परिणाम था या सुरक्षा प्रक्रियाओं में कहीं कोई चूक भी हुई थी।

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित विमानों को उड़ान संचालन से अस्थायी रूप से बाहर रखा गया है। विमानन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की नजर अब जांच रिपोर्ट पर है, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम तय किए जा सकें।


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