
बिहार पुलिस ने सोमवार (16 सितंबर, 2024) को सारण जिले में मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान अशोक चक्र के स्थान पर ‘अर्धचंद्र और तारे’ वाला भारत का राष्ट्रीय ध्वज लहराने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया।
सारन में पुलिस ने कहा कि यह कृत्य भारतीय ध्वज संहिता, 2002 की धारा 2 का उल्लंघन है, जिसमें कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जो किसी सार्वजनिक स्थान पर या सार्वजनिक दृश्य में किसी अन्य स्थान पर जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करता है, वह दंडनीय अपराध है।
सोमवार की सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें सारण जिले के कोपा थाना अंतर्गत कोपा बाजार में मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान अशोक चक्र की जगह चांद-तारे वाला तिरंगा झंडा लहराया जा रहा था।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया।
छपरा में मीडिया से बातचीत के दौरान सारण के पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने बताया कि “आज कोपा थाना क्षेत्र में मिलाद-उन-नबी के जुलूस में अशोक चक्र की जगह चांद-तारा लगाकर तथाकथित संशोधित तिरंगा झंडा फहराने के मामले में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिकअप वाहन समेत कथित झंडा को जब्त कर लिया है। झंडा लहराने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में एक और व्यक्ति शामिल है, जिसने उन्हें झंडा मुहैया कराया था। हम उस व्यक्ति को भी पकड़ने के लिए छापेमारी कर रहे हैं।”
इस तरह का झंडा लहराने के पीछे का कारण पूछे जाने पर श्री आशीष ने आगे कहा, “अभी तक हमें संभावित कारण नहीं पता है, लेकिन राष्ट्रीय प्रतीक और राष्ट्रीय ध्वज के साथ गलत व्यवहार करना अपराध है और [officials] उन्होंने कहा, “सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। बीएनएस की धारा 153 के अलावा यह कृत्य भारतीय ध्वज संहिता, 2002 का भी उल्लंघन है।”
प्रकाशित – 17 सितंबर, 2024 03:22 पूर्वाह्न IST

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