
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को धारवाड़ में भाजपा और जनता दल (एस) नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और इसे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ साजिश बताया।
उन्होंने दोनों विपक्षी दलों के खिलाफ नारे लगाए और उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य दीपक चिंचोर ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार सभी गैर-भाजपा सरकारों को हटाने के लिए अनुचित तरीकों का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने दावा किया, “भाजपा राज्य में कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए राज्यपाल के कार्यालय का दुरुपयोग कर रही है। भाजपा केवल सत्ता चाहती है, लोगों का कल्याण नहीं। वह श्री सिद्धारमैया को बदनाम करने के लिए झूठे आरोपों का इस्तेमाल कर रही है, जिन्होंने पांच दशकों तक एक साफ-सुथरा सार्वजनिक जीवन जिया है।”
श्री चिंचोर ने कहा, “उनके द्वारा लागू की गई गारंटी भाजपा और जनता दल (एस) दोनों के लिए दुःस्वप्न बन गई है। भाजपा निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है, जबकि जनता दल (एस) उसकी मदद कर रही है।”
उन्होंने कहा, ‘‘श्री सिद्धारमैया गरीबों और वंचित वर्गों के चैंपियन हैं और उन्हें बदनाम करने के प्रयास बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।’’
श्री चिंचोर ने कहा कि कोई भी ताकत श्री सिद्धारमैया को हटा नहीं सकती क्योंकि उनके पास जनता का आशीर्वाद है। उन्होंने दावा किया कि वे जनता की अदालत में लड़ाई जीत चुके हैं और अब वे कानूनी लड़ाई भी जीतेंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता जो उनका इस्तीफा मांग रहे हैं और उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं, वे जल्द ही धूल खा जाएंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को उनका इस्तीफा मांगने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उन पर जमीन हड़पने का आरोप है। उन्होंने मांग की कि राष्ट्रपति को राज्यपाल के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, जिन पर पक्षपात करने का आरोप है।
नागराज गुरिकर और पार्टी नेता उपस्थित थे।
प्रकाशित – 25 सितंबर, 2024 10:36 अपराह्न IST

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