बिहार में बिजली गिरने से 12 मौतें, आंधी-बारिश से तबाही, मुआवजे का ऐलान

बिहार-में-आंधी-बारिश-और-बिजली-गिरने-के-दौरान-काले-बादल-और-तेज-तूफान-का-दृश्य बिहार में बिजली गिरने से 12 मौतें, आंधी-बारिश से तबाही, मुआवजे का ऐलान

बिहार में आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली से 12 लोगों की मौत। गया, पूर्वी चंपारण और औरंगाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित। सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया।


बिहार में कुदरत का कहर: आंधीबारिश और आकाशीय बिजली से 12 की मौत, सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान


गया, पूर्वी चंपारण और औरंगाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित; मौसम विभाग ने पहले ही जारी किया था अलर्ट, अगले 24 घंटे में तापमान गिरने के आसार


पटना, 5 मई (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): बिहार में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने सोमवार को भारी तबाही मचाई। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में गया, पूर्वी चंपारण और औरंगाबाद शामिल हैं। इस बीच राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

अचानक बदला मौसम, दिन में छाया अंधेरा

सोमवार दोपहर तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी और उमस बनी हुई थी। लेकिन शाम करीब चार बजे मौसम ने अचानक करवट ली। पटना समेत कई जिलों में काले घने बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा छा गया। इसके बाद तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई और कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा के साथ बारिश इतनी अचानक आई कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। खेतों और खुले इलाकों में मौजूद लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

इन जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान

राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार,

  • गया जिले में 4 लोगों की मौत
  • पूर्वी चंपारण में 5 लोगों की मौत
  • औरंगाबाद में 3 लोगों की मौत

अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मौतें आकाशीय बिजली गिरने की वजह से हुईं। ग्रामीण इलाकों में यह घटनाएं अधिक सामने आईं, जहां लोग खुले में काम कर रहे थे।

सरकार का ऐलान: 4-4 लाख रुपये की मदद

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों में रहने की सलाह दी गई है।

पहले ही जारी था मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने सोमवार से पहले ही राज्य के कई हिस्सों के लिए आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद अचानक मौसम परिवर्तन ने जनजीवन को प्रभावित किया।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मौसम बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण हो रहे हैं, जिससे तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

अगले 24 घंटे का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है।

इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बढ़ती घटनाएं और चुनौती

बिहार में हर साल गर्मी और मानसून के बीच के समय में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। यह राज्य के लिए एक गंभीर प्राकृतिक आपदा का रूप ले चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और सुरक्षा उपायों की कमी के कारण नुकसान अधिक होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर चेतावनी, सुरक्षित आश्रय और जागरूकता अभियान से ऐसी घटनाओं में होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

निष्कर्ष

बिहार में सोमवार को हुई यह घटना एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है। मौसम विभाग की चेतावनियों के बावजूद अचानक बदलते हालात लोगों के लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में सरकार और प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।


Discover more from जग वाणी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *