
नई दिल्ली, 6 मई (केएनएन) प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 23,437 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत के साथ भारतीय रेलवे की तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य क्षमता बढ़ाना और प्रमुख रेल गलियारों पर भीड़ कम करना है।
स्वीकृत परियोजनाओं में नागदा-मथुरा, गुंतकल-वाडी और बुढ़वल-सीतापुर खंड शामिल हैं, जहां तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण किया जाएगा। ये परियोजनाएं सामूहिक रूप से मौजूदा रेलवे नेटवर्क में लगभग 901 किलोमीटर जोड़ देंगी और इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों में फैली इन परियोजनाओं से लगभग 4,161 गांवों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे 83 लाख की अनुमानित आबादी को लाभ होगा।
क्षमता विस्तार का उद्देश्य परिचालन को सुव्यवस्थित करना, सेवा विश्वसनीयता में सुधार करना और उच्च माल ढुलाई का समर्थन करना है। इन मार्गों से परिवहन की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, उर्वरक, पेट्रोलियम उत्पाद और इस्पात शामिल हैं।
इन परियोजनाओं से प्रति वर्ष लगभग 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की सुविधा मिलने का अनुमान है।
पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत योजनाबद्ध, परियोजनाओं का उद्देश्य एकीकृत बुनियादी ढांचे की योजना के माध्यम से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता को मजबूत करना है।
बेहतर रेल संपर्क से मथुरा, वृन्दावन, रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान और नैमिषारण्य सहित कई पर्यटन स्थलों तक पहुंच बढ़ने की भी उम्मीद है।
आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, इन परियोजनाओं द्वारा सक्षम रेल परिवहन की ओर बदलाव से रसद लागत को कम करने, ईंधन की खपत कम करने और कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने में मदद मिल सकती है, जिससे व्यापक पर्यावरण और दक्षता उद्देश्यों में योगदान मिलेगा।
ये परियोजनाएँ रेल बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, नेटवर्क क्षमता में सुधार करने और माल और यात्रियों की अधिक कुशल आवाजाही के माध्यम से आर्थिक गतिविधि का समर्थन करने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा हैं।
(केएनएन ब्यूरो)

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