
नई दिल्ली, 17 जुलाई (केएनएन) लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी अस्थायी विधायी एजेंडे के अनुसार, केंद्र ने संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान पेश करने के लिए पांच नए विधेयक प्रस्तावित किए हैं, जिनमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 भी शामिल है।
मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू होने वाला है, जिसमें सरकार विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर विचार करने और पारित करने का भी प्रस्ताव कर रही है। विधायी एजेंडा अस्थायी है और सत्र के दौरान संशोधित किया जा सकता है।
विलंबित भुगतान तंत्र को मजबूत करने के लिए एमएसएमई संशोधन विधेयक
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 एमएसएमई विकास अधिनियम, 2006 को क्षेत्र की उभरती जरूरतों के साथ संरेखित करना चाहता है।
यह सूक्ष्म और लघु उद्यमों को विलंबित भुगतान को संबोधित करने के लिए तंत्र को मजबूत करने, एमएसएमई से जुड़े मध्यस्थ पुरस्कारों के प्रवर्तन के लिए प्रदान करने और राज्यों को सूक्ष्म और लघु उद्यम सुविधा परिषदों की संरचना का निर्धारण करने में अधिक लचीलेपन की अनुमति देने के उपायों का प्रस्ताव करता है।
विधायी एजेंडे में पांच नए विधेयक
अन्य प्रस्तावित कानूनों में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 है, जो वंदे मातरम के गायन के दौरान जानबूझकर अपमान या व्यवधान को 1971 अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध बनाने का प्रयास करता है।
सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक का भी प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण के लिए सख्त प्रावधान पेश करना है।
शेष विधेयकों में आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 शामिल हैं।
लंबित बिल भी सूचीबद्ध
नए विधेयकों के अलावा, सरकार ने बजट सत्र के दौरान पेश किए गए विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 को शामिल किया है, जो वर्तमान में संसद की एक संयुक्त समिति के विचाराधीन है।
(केएनएन ब्यूरो)

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